प्रकृति के संरक्षण और संवर्धन के लिए प्रत्येक व्यक्ति को अपना योगदान देना होगा – राष्ट्र संत कमल मुनि जी कमलेश

खंडाला खपोली 2 जून 2024 । प्रकृति का सहयोग साधना और स्वास्थ्य के लिए ऑक्सीजन से भी महत्वपूर्ण है उक्त विचार राष्ट्र संत कमल मुनि जी कमलेश ने संबोधित करते कहा कि महापुरुषों और ऋषि मुनियों ने प्रकृति की गोद में ही आध्यात्मिक ज्ञान प्राप्त किया जो आज पूरे विश्व का आलोकित कर रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रकृति की रक्षा करना धर्म और भगवान की रक्षा करने से भी बढ़कर हैहीरे पन्ने माणक मोती से कीमती है जिसका कोई विकल्प नहीं है इसकी रक्षा में हमारी रक्षा निहित है। मुनि कमलेश ने स्पष्ट कहा कि धरती के बढ़ते तापमान को रोकने के लिए सरकार और विज्ञान के पास कोई जादुई छड़ी नहीं है इसका दुष्परिणाम इंसान तो क्या प्रकृति के प्रत्येक प्राणी को भोगना पड़ रहा है।
राष्ट्र संत ने कहा कि प्रकृति के संरक्षण और संवर्धन के लिए प्रत्येक व्यक्ति को अपना योगदान देना होगा एसी कूलर के उपयोग से रोगों के शिकार हो रहे हैं। सो दवा एक हवा के महत्व को भूलना नहीं चाहिए।
जैन संत ने कहा कि भगवान महावीर ने हजारों वर्ष पूर्व ही वृक्ष और जल की रक्षा का संदेश दिया। इनका पुत्रों से भी ज्यादा ध्यान रखना होगा विलासिता त्यागे बिना तीन कल में भी प्रकृति का संतुलन लाख प्रयास करने पर भी सफलता नहीं मिल पाएगी।
अखिल भारतीय जैन दिवाकर विचार मंच नई दिल्ली के हजारों कार्यकर्ताओं ने वृक्ष बचाओ वृक्ष लगाओ का अभियान प्रारंभ किया है। शासन प्रशासन का भी भरपूर सहयोग मिल रहा है। मंच ने पर्यावरण की रक्षा के लिए सभी जनता से आव्हान किया है।