महाविद्यालय में युवा उत्सव समारोह–2026 का भव्य शुभारंभ

रतलाम। प्रधानमंत्री काॅलेज ऑफ एक्सीलेंस शासकीय कला एवं विज्ञान महाविद्यालय, रतलाम में आज महाविद्यालय स्तरीय युवा उत्सव समारोह–2026 का भव्य शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. वाय. के. मिश्रा एवं वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. मिलिन्द डांगे ने की। कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर युवा उत्सव समिति की संयोजक डॉ. अंजेला सिंगारे एवं सहसंयोजक डॉ. अर्चना भट्ट विशेष रूप से उपस्थित रहीं।
कार्यक्रम में प्राचार्य डॉ. वाय. के. मिश्रा ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि युवा उत्सव विद्यार्थियों की रचनात्मकता, प्रतिभा एवं व्यक्तित्व विकास का सशक्त मंच है। शिक्षा का उद्देश्य केवल पुस्तकीय ज्ञान प्रदान करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों की अंतर्निहित प्रतिभाओं को पहचानकर उन्हें उचित अवसर एवं दिशा प्रदान करना भी है। ऐसे आयोजन विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता एवं सामूहिक सहभागिता की भावना विकसित करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए अपनी प्रतिभा का श्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया।
वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ मिलिन्द डांगे ने भी महाविद्यालयीन युवा उत्सव के लिए गरिमामय, प्रभावशाली एवं उत्साहपूर्ण कहा कि युवा उत्सव केवल सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि युवाओं की प्रतिभा, रचनात्मकता, ऊर्जा, अनुशासन और अभिव्यक्ति का उत्सव है। उद्घाटन समारोह का संचालन ऐसा होना चाहिए जिसमें भारतीय संस्कृति की गरिमा, युवाओं का उत्साह और महाविद्यालय की शैक्षणिक परंपरा का सुंदर समन्वय दिखाई दे।
युवा उत्सव समिति की संयोजक डॉ. अंजेला सिंगारे ने अपने उद्बोधन में कहा कि युवा उत्सव विद्यार्थियों को अपनी कला, अभिव्यक्ति एवं सांस्कृतिक प्रतिभा प्रदर्शित करने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करता है। इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के साथ-साथ भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों एवं रचनात्मक अभिरुचियों को भी प्रोत्साहित करते हैं। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएँ देते हुए आयोजन में उत्साहपूर्वक भाग लेने का आह्वान किया।
समिति की सहसंयोजक डॉ. अर्चना भट्ट ने कहा कि युवा उत्सव विद्यार्थियों के भीतर छिपी प्रतिभाओं को मंच प्रदान करने का माध्यम है। कला एवं संस्कृति के माध्यम से विद्यार्थी अपनी भावनाओं, कल्पनाशीलता एवं सृजनात्मक क्षमता को प्रभावी रूप से अभिव्यक्त कर सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रतिस्पर्धा को सीखने और आगे बढ़ने का अवसर मानते हुए अपनी श्रेष्ठ प्रस्तुतियाँ देने के लिए प्रेरित किया।
युवा उत्सव के अंतर्गत विभिन्न सांस्कृतिक एवं साहित्यिक विधाओं में प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इनमें एकल नृत्य, समूह नृत्य, एकांकी, मिमिक्री, पाश्चात्य गायन एवं सुगम गायन प्रमुख रहीं। विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह एवं उमंग के साथ अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। प्रस्तुतियों के माध्यम से महाविद्यालय परिसर में उत्सवपूर्ण एवं सांस्कृतिक वातावरण निर्मित हुआ।
कार्यक्रम का प्रभावी एवं रोचक संचालन प्रो. आदर्श भेवन्दिया ने किया तथा आभार प्रदर्शन प्रो. अंकिता जैतपुरिया ने किया। डॉ.गोपाल सिंह खराड़ी,डॉ. कविता ठाकुर, डॉ. स्वाति पाठक, डॉ. इंदू कटारिया डॉ. ललिता मरमट ,डॉ. हेमलता राठौड़, चेतन देवड़ा, डॉ. गुलाब सिंह डावर,डॉ.मिनाक्षी श्रीवास्तव डॉ. प्रभात पाटील, डॉ. एल. एस. चौगड़ प्रो. अमित कनेरिया, महाविद्यालय परिवार के सदस्य और विधाओं के निर्णायक उपस्थित थे समारोह में महाविद्यालय के बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
युवा उत्सव समारोह ने विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के साथ-साथ कला, संस्कृति एवं रचनात्मक अभिव्यक्ति के माध्यम से अपनी विशिष्ट पहचान बनाने का अवसर प्रदान किया।

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