

भीलवाड़ा शांति भवन 5 अप्रैल 2022 । विश्व के सभी धर्मों ने कहा इंद्रियों के मालिक बनो ज्ञान के अंकुश से ही संभव है । उक्त विचार राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश ने संबोधित करते कहा कि पूरे विश्व को अकेला जीतने वाला वीर कहलाता है स्वयं की इंद्रियों को जीतना वाला महावीर कहलाता है ।
उन्होंने कहा कि हाथीपर अंकुश घोड़े पर लगाम और गाड़ी में ब्रेक ना हो क्या दुर्दशा होती है अनंत गुना आत्म नियंत्रण के बिना जन्म जन्मांतर में होती है
उपाध्याय प्रवर श्री प्रवीण ऋषि जी ने बताया कि आत्म विजेता बनने पर कर्मों से मुक्ति पाता है शरीर को निरोगी बनाता है विश्व में शांति की स्थापना करता है उन्होंने कहा कि भगवान महावीर अपराधियों को सजा नहीं दी बल्कि उनमें परिवर्तन कर उनको महान बनाया भगवान महावीर के जन्म कल्याणक महोत्सव पर 7 अप्रैल से 14 अप्रैल तक महावीर गाथा का भव्य आयोजन श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ भीलवाड़ा शांति भवन की ओर से आयोजित किया जा रहा है उपाध्याय प्रवर एवं राष्ट्र संत दो महान पुरुषों का आध्यात्मिक मधुर मिलन संपूर्ण समाज में भक्ति उत्साह और सद्भावना का संचार कर रहा है मुनि कमलेश ने मेवाड़ की माटी पर उपाध्याय प्रवर का आत्मीय अभिनंदन किया।