रतलाम । न्यायालय श्रीमान (योगेन्द्र कुमार त्यागी) विशेष न्यायालय पॉक्सोे एक्ट रतलाम (म.प्र.) के द्वारा निर्णय दिनांक 16.06.2022 को अभियुक्त बाबूलाल पिता लक्ष्मीनारायण कुमावत उम्र 55 वर्ष नि. हरियागढी थाना दानपुर जिला बांसवाडा राजस्थान को धारा 5(एम)/6 पॉक्सो एक्ट में 20 वर्ष का कठोर कारावास और 2000रू अर्थदंड धारा 366 भादवि में 5 वर्ष का कठोर कारावास एवं 1000रू अर्थदंड से दंडित किया गया।
प्रकरण में पैरवीकर्ता विशेष लोक अभियोजक पॉक्सो एक्ट रतलाम श्रीमती गौतम परमार ने बताया कि दिनांक 01.11.2019 को फरियादी ने थाना नामली पर रिपोर्ट की कि मेरी नातिन (अभियोक्त्री ) की उम्र 04 वर्ष होकर कक्षा 01 ली में पढ़ रही है। जो घर के सामने आस पास के बच्चो के साथ रोज सुबह खेलती है। आज सुबह करीब 08.30 बजे मै घर में बर्तन जमा रही थी, तभी हमारे घर के पास रहने वाले ने आकर कहा कि तुम्हारी नातिन/अभियोक्त्री को लेकर अभियुक्त बाबु घर के सामने बन रहे मकान की छत पर लेकर गया। मैं अपने पडोसी के साथ मेरी नातिन/अभियोक्त्री को देखने गई। पडोसी घर के नीचे खडा हो गया था मैंने अकेले छत पर जाकर देखा तो मुझे बाबु कुमावत नग्न अवस्था में मेरी नातिन/अभियोक्त्री की चड्डी उतारकर अपने टॉयलेट की जगह को उसके टॉयलेट की जगह पर जबरदस्ती करते हुए दिखा। मेरे चिल्लाने की आवाज से डरकर भाग गया। मैं घबरा गई थी मैंने मेरी नातिन/अभियोक्त्री को कपडे पहनाने के बाद सारी बात पुछी। मेरी नातिन/अभियोक्त्री ने मुझे बोला कि सुबह खेलते समय बाबु मुझे चॉकलेट देने का कहकर गोद में उठाकर छत पर खाली जगह पर लेकर गया। बाबु ने मेरी चड्डी खोली उसका पेंन्ट खोला था। बाबु ने अपनी टॉयलेट की जगह निकालकर मेरे टॉयलेट की जगह पर अंदर करने की कोशिश कर रहा था। ऐसा करने पर मुझे टॉयलेट की जगह पर दर्द हो रहा था। मुझे कहने लगा कि मैं चॉकलेट दुंगा। यह सुनकर मैंने अपनी मेरी नातिन/अभियोक्त्रीे के टॉयलेट की जगह देखी वहां पर लाल निशान बने हुए थे। सारी बात घर पर जाकर अपने बेटे व बहु को सारी बात बतायी। मेरे बेटे और मेरी नातिन/अभियोक्त्री को लेकर थाने पर रिपोर्ट करने आयी।
फरियादीया की रिपोर्ट पर थाना नामली जिला रतलाम द्वारा अपराध क्रमांक 363/2019 धारा 363,376एबी 5एम/6 लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 का दर्ज कर अनुसंधान में लिया गया। अभियुक्त बाबू उर्फ बाबूलाल घटना दिनांक से फरार हो चुका था, जिसकी न्यायालय से अनुमति लेकर उद्घोषणा का प्रकाशन कराया गया था, पुलिस के अथक प्रयास के पश्चाेत दिनांक 18.07.2020 को अभियुक्त, को गिरफ्तार किया गया। प्रकरण में आवश्यक विवेचना उपरांत अभियोग पत्र भा.द.सं. की धारा 363, 376एबी एवं 5एम/6 लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 के अंतर्गत अभियुक्त के विरुद्ध माननीय विशेष न्याकयालय पॉक्सो एक्ट अंतर्गत प्रस्तुत किया गया है।
माननीय विशेष न्यायालय, (पॉक्सो एक्ट) द्वारा अभियुक्त के विरूद्ध दिनांक 12.10.2020 को धारा 366, 376एबी भादवि एवं 5एम/6 लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 के आरोप विरचित किये गये।
माननीय विचारण न्यायालय में अभियोजन की ओर से कुल 16 साक्षियों में से 12 साक्षियों को परीक्षित करवाया गया तथा घटना के समर्थन में मौखिक साक्ष्य एवं दस्तावेजी साक्ष्य एवं लिखित बहस प्रस्तुत कर आरोपी को आरोपित धाराओं में उल्लेखित अधिकतम दण्ड् से दण्डित किये जाने के तर्क प्रस्तुत किये गये।
उक्त प्रकरण में शासन की ओर से सफल पैरवी श्रीमती गौतम परमार विशेष लोक अभियोजक रतलाम द्वारा की गई।