रतलाम। आचार्यश्री उमेशमुनिजी के सुशिष्य धर्मदास गणनायक प्रवर्तकश्री जिनेंद्रमुनिजी के आज्ञानुवर्ती तपस्वीश्री दिलीपमुनिजी, रविमुनिजी, आदित्यमुनिजी, रतलाम गौरव अमृतमुनिजी ठाणा 4 के तिलगारा में मंगलवार को मंगल प्रवेश के अवसर पर श्रीधर्मदास जैन श्रीसंघ रतलाम के पदाधिकारी व सदस्य गण भी पहुंचे एवं मुनि वृंद की अगवानी कर दर्शन, वंदन, मांगलिक, ज्ञान चर्चा आदि का लाभ लिया।
विशिष्ट आराधना में रमण करना है
अनुमोदनीय, प्रेरणादायी कई मासक्षमण सहित विभिन्न तपाराधना कर चुके एवं लंबे समय से एकांतर तप (वर्षीतप) कर रहे तपस्वी दिलीपमुनिजी ने तिलगारा में स्थानक भवन पर कहा कि वर्षावास नज़दीक आ रहा है। सभी को वर्षावास का अधिक से अधिक लाभ लेना है, ज्ञान, दर्शन, चारित्र व तप की विशिष्ट आराधना में रमण करते हुए इस अनमोल मनुष्य जीवन को सार्थकता की ओर ले जाना है। गौरतलब है कि मुनि वृंद का इस वर्ष श्रीधर्मदास जैन मित्र मंडल नौलाईपुरा स्थानक भवन रतलाम पर वर्षावास होगा।
विभिन्न प्रत्याख्यान ग्रहण किए
श्रीधर्मदास जैन श्रीसंघ के सचिव अशोक भरगट ने बताया कि मुनिश्री से कई आराधकों ने विभिन्न प्रत्याख्यान ग्रहण किए। इस अवसर पर अखिल भारतीय श्रीधर्मदास गण परिषद के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष शांतिलाल भंडारी, श्रीधर्मदास जैन श्री संघ के अध्यक्ष अशोक चतुर, पूर्व अध्यक्ष अरविंद मेहता, उपाध्यक्ष दिलीप मोदी, महामंत्री अजीत मेहता, सचिव सोहनलाल रूनवाल, प्रचार सचिव ललित कोठारी, चातुर्मास समिति के संयोजक हस्तीमल चौपड़ा, सहसंयोजक श्रीपाल मांडोत व रजनीकांत झामर, वरिष्ठ श्रावक माणकलाल कटकनी, ज्ञानचंद लोढ़ा, जयंतीलाल मूणत, राजेंद्र चौपड़ा, संतोष गांधी, प्रवीण झमर, सौरभ मूणत, अणु मित्र मंडल के वरिष्ठ मार्गदर्शक विनय लोढ़ा, राजेश कोठारी, उपाध्यक्ष दीपेश चतुर, रत्नेश मोदी, मिलिंद कोठारी आदि श्रावकगण उपस्थित थे।
विभिन्न क्षेत्रों में विचरण कर रतलाम में होगा प्रवेश
मुनि मंडल बदनावर तहसील के ग्राम तिलगारा से बिरमावल, पीपलखूंटा, कुंआझागर आदि क्षेत्रों में धर्म प्रभावना करने के पश्चात शीघ्र ही रतलाम शहर में प्रवेश करेगे। मुनि मंडल के वर्षावास को लेकर श्रीसंघ में काफी उत्साह दिखाई दे रहा है। वर्षावास 2 जुलाई से प्रारंभ हाेगा। नौलाईपुरा स्थानक पर प्रवेश के पूर्व मुनि मंडल शहर की विभिन्नग कॉलोनियों में विचरण कर धर्म प्रभावना करेगे।