रतलाम। कलेक्टर श्री गोपालचंद्र डाड के निर्देश पर जिले में अवैध कालोनियों के कालोनाइजरों के विरुद्ध शिकंजा कसा जा रहा है। इस सम्बन्ध में जावरा में 10 कालोनाइजरों के विरुद्ध कार्यवाई करते हुए एफआईआर दर्ज करवाई गई है। एसडीएम श्री राहुल धोटे ने बताया कि 12 सितम्बर को जावरा पुलिस थानों पर 10 एफआईआर दर्ज करवाई गई है जिसमें एक एफआईआर जावरा शहर थाना एवं 9 एफआईआर औद्योगिक क्षेत्र थाने में दर्ज कराई गई। जावरा शहर में कुल 142 कालोनियों का निर्माण किया गया है जिनमें से 33 कालोनिया ही हस्तांतरित की गई है। शेष 39 कालोनी अविकसित होने से अहस्तांतरणीय हैं, शेष 70 कालोनियां पूर्णतः अवैध की श्रेणी में रखी गई है। उपरोक्त के अतिरिक्त अन्य पर भी कार्रवाई जारी है। वर्तमान एफआईआर दर्ज कराने की कार्यवाही मानव अधिकार आयोग द्वारा प्राप्त उस पत्र के परिप्रेक्ष्य में की गई है जो आयोग को तत्कालीन नगर पालिका अध्यक्ष द्वारा शिकायत में आयोग को भेजी गई थी। मानव अधिकार आयोग को की गई उस शिकायत को संज्ञान में लेते हुए आयोग द्वारा प्रमुख सचिव नगरीय प्रशासन भोपाल, आयुक्त उज्जैन संभाग, कलेक्टर जिला रतलाम को पत्र जारी कर जांच करवाते हुए आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए थे। एसडीएम द्वारा दल गठित कर अवैध एवं अविकसित कालोनियों की जांच कराई गई। जांच में जिन कालोनियों में कमियां पाई गई उनके विरुद्ध संबंधित पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज कर विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है। जिन कालोनियों के विरुद्ध कार्यवाही की गई है उनमें सत्य साई विहार कालोनी, तिलक विहार कालोनी, पहाडिया रोड स्थित अरिहंत कालोनी के पास स्थित कालोनी के कालोनाइजर श्री राहुल पिता श्री चन्द्रप्रकाश ओस्तवाल, आदर्श नगर कालोनी कालोनाइजर श्री प्रकाशचन्द्र पिता श्री पारसमल, राजेन्द्र जयन्त परिसर कालोनाइजर श्री अनिल कुमार एवं श्री विजय कुमार पिता श्री मोतीलाल दसेडा, मंदसौर रोड जावरा स्थित कालोनी कालोनाइजर श्री मोहम्मद आसीफ मिर्जा पिता श्री अब्दुल गफ्फार मिर्जा, जैन कालोनी कालोनाइजर श्री अनिल कुमार पिता श्री प्रकाशचन्द्र कोठारी, संजय काम्प्लेक्स कालोनी, तथा ग्राम सुजावता में निर्मित दो संजय काम्प्लेक्स के संजय पिता हीरालाल गंगवाल शामिल हैं।
उपरोक्त कालोनियों की जांच दल द्वारा प्राप्त रिपोर्ट अनुसार मानव अधिकार आयोग रजिस्ट्रार (ला) भोपाल के निर्देशानुसार सक्षम अधिकारी एवं कलेक्टर जिला रतलाम को कार्यवाही की अनुमति हेतु प्रशासक नगर पालिक परिषद् जावरा एवं अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) जावरा द्वारा प्रतिवेदन प्रस्तुत कर कार्यवाही की अनुमति चाही गई जिसमें कलेक्टर द्वारा संबंधित कालोनियों के कालोनाइजरों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराने के निर्देश 5 सितम्बर 2020 को दिए गए जिसके पालन में प्रशासक नगर पालिका परिषद् द्वारा 10 सितम्बर को मुख्य नगर पालिका अधिकारी जावरा को प्राथमिकी दर्ज कराने हेतु आदेशित किया गया तथा निर्देश के पालन में संबंधित कालोनाइजरों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई गई।