नवपद आयंबिल ओलीजी तपाराधना में 112 से भी अधिक आराधकों ने किया यह कठोर तप

  • 11 आराधकों ने 9 दिन केवल उड़द से निर्मित सामग्री ग्रहण कर किया आयंबिल
  • समारोह आयोजित कर ट्रस्ट बोर्ड ने किया आयंबिल आराधकों का बहुमान

रतलाम। नौ दिवसीय एक वरण (पदार्थ) की नवपद आयंबिल ओलीजी तपाराधना का आयोजन पूर्ण हुआ। इस तप आराधना में प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी देश ही नहीं अपितु विदेशों में भी बड़ी संख्या में आराधकों ने शामिल होकर आराधना करने का लाभ लिया। गौरतलब बात यह हैं कि यह तप करना कोई साधारण बात नहीं है। रसेंद्रिय पर नियंत्रण करने वाला ही यह तप आराधना कर सकता हैं। रतलाम शहर में इस आराधना पर्व पर श्रीवर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ ट्रस्ट बोर्ड के तत्वावधान में आयंबिल शाला धनजी भाई के नोहरे में आयोजित ओलीजी आराधना पर्व के अंतर्गत 112 से भी अधिक आराधकों ने ओलीजी की आराधना की। इसमें 41 आराधकों ने वरण की ओलीजी एवं 11 आराधकों ने केवल उड़द वरण की ओलीजी की। वहीं वर्धमान आयंबिल व 500 आयंबिल के 40 आराधक थे। 20 आराधकों ने अष्ठापद ओलीजी तपाराधना की।
नौ दिन केवल उड़द से निर्मित खाद्य सामग्री ग्रहण की
11 आराधकों ने नौ दिन केवल उड़द वरण से निर्मित खाद्य सामग्री ग्रहण कर आयंबिल किया। जो अनुकरणीय, अनुमोदनीय, साधुवाद योग्य हैं। यह आराधना नौ दिनों तक चली। इस ‘वरण’ की आराधना में जैन धर्म के ध्वज के रंग अनुसार वरण की खाद्य सामग्री निर्मित की जाती हैं। पहले दिन चांवल, दूसरे दिन गेहूं, तीसरे दिन चना, चौथे दिन मूंग, पांचवे दिन उड़द एवं शेष चार दिन चांवल से अर्थात प्रतिदिन निर्धारित केवल एक ही अन्न से निर्मित (घी, तेल, दूध, दही, शकर, नमक, मिर्च, मसाला आदि रहित) मात्र उबला व सीका हुआ भोजन एक ही बैठक पर ग्रहण किया।
आयंबिल करवाने का लाभ लिया
श्रीवर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ ट्रस्ट बोर्ड के तत्वावधान में आयोजित ओलीजी आयंबिल आराधना का आयोजन धनजी भई के नोहरे में हुआ। जहां आयंबिल शाला में आयंबिल करवाने का पूरा लाभ नरेंद्रकुमार भेरूलाल गोरेचा परिवार ने लिया।
बहुमान समारोह आयोजित हुआ
ट्रस्टी गण प्रकाश मूणत, महेंद्र चाणोंदिया, बाबूलाल सेठिया, रंगलाल चौरड़िया, इंदरमल जैन एवं कांतिलाल छाजेड़ के विशेष आतिथ्य एवं सानिध्य में तप आराधकों का बहुमान समारोह आयोजित किया गया। सर्व प्रथम नवकार महामंत्र के सामूहिक जाप कर स्तवन की प्रस्तुति हुई। स्वागत उद्बोधन बाबूलाल सेठिया दिया। ट्रस्टी एवं समारोह के सूत्रधार प्रकाश मूणत ने ट्रस्ट बोर्ड एवं ओलीजी की जानकारी दी। इस प्रसंग पर ट्रस्ट बोर्ड की ओर से तप आराधकों के तप की अनुमोदना एवं बहुमान कर भेंट दी गई। कई श्रावक श्राविकाओं ने आयंबिल करवाने के लिए स्थायी तिथि के लिए राशि देने की घोषणा की। इस अवसर पर सुशील गोरेचा, मनसुख गांधी, राजकुमार मूणत, मनोरमा मणिलाल तरगी, शारदा बेन घोटा, शिरोमणि कोठारी, पुष्पा मूणत, किरण चंडालिया आदि उपस्थित थे। महेंद्र चाणोदिया ने आभार व्यक्त किया।
सराहनीय सेवा ने मन जीत लिया
आयंबिल भोजन व्यवस्था में बबीता चौपड़ा का सराहनीय सहयोग रहा। वहीं इस पर्व पर पूरे नौ दिनों तक व्यस्ततम समय में से अमूल्य समय निकालकर निर्मल गोखरू, राजेश सुराणा, लोकेश मेहता, विकास पितलिया, नरेंद्र गोरेचा, विजय ढाबरिया, पारणा समिति के संयोजक प्रकाशचंद्र नांदेचा, चंद्रकांता गोरेचा, मधुबाला गोरेचा, ईशिता चौपड़ा, दीपिका चंडालिया आदि की विशेष सेवा सराहनीय एवं अनुकरणीय रही। जिनकी ट्रस्ट बोर्ड एवं संघ ने खूब प्रशंसा कर साधुवाद दिया। प्रभावना के लाभार्थी प्रकाशचंद्र नांदेचा एवं विभा अखलेश चौपड़ा रहे।