अकादमिक उत्कृष्टता के साथ भारतीय ज्ञान परम्परा को भी महत्व मिलेगा : श्री विनोद करमचंदानी

डाटा सांईस में पीजी पाठ्यक्रम प्रारंभ करने वाला मध्यप्रदेश का पहला कॉलेज बना शासकीय कला एवं विज्ञान महाविद्यालय

रतलाम 12 जून 2024। जिले के प्रधान मंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस के रूप मे शुरू हो रहे शासकीय कला एवं विज्ञान महाविद्यालय, रतलाम में प्रवेश से लेकर बुनियादी सुविधाओं तक सभी तैयारियां की जा रही हैं। इस संबंध में जनभागीदारी समिति अध्यक्ष श्री विनोद करमचंदानी की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई जिसमें महाविद्यालय के प्राध्यापक एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
बैठक में प्रधान मंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस की तैयारियों की समीक्षा एवं किए जाने वाले कार्यो पर चर्चा करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. वाय. के .मिश्र ने बताया कि महाविद्यालय के प्रवेश द्वार के साथ ही भवन को भी रंग-रोगन कर भव्य बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसके लिए शासन से वित्तिय स्वीकृति मिल चुकी है। प्रधान मंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस में विद्यार्थियों को न केवल अच्छी सुविधाएं मिलेंगी बल्कि कई नए पाठ्यक्रम भी प्रारंभ किए जा रहे हैं।
श्री विनोद करमचंदानी ने कहा कि प्रधान मंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस, रतलाम में अकादमिक उत्कृष्टता के साथ भारतीय ज्ञान परम्परा को भी महत्व दिया जाएगा। इस क्रम में वर्तमान शिक्षा सत्र से म.प्र. शासन द्वारा समाज शास्त्र, दर्शन शास्त्र, संस्कृत विषयों में स्नातकोत्तर कक्षाएं जबकि वाणिज्य एवं मनोविज्ञान में स्नातक कक्षाएं प्रारंभ की गई है।श्री करमचंदानी ने बताया कि सत्र 2024-25 से महाविद्यालय में डाटा साईंस का स्नातकोत्तर तथा खेल संबंधी स्नातक पाठ्यक्रम प्रारंभ किया गया है। डाटा साईंस का पाठ्यक्रम प्रारंभ करने में लघु, मध्यम एवं सुक्ष्म उद्योग मंत्री श्री चेतन काश्यप के प्रयासों से प्रदेश के प्रथम महाविद्यालय के रूप में गौरव प्राप्त हुआ है। डाटा साईंस प्रयोगशाला की स्थापना हेतु श्री काश्यप द्वारा 25 लाख की स्वीकृति भी दी गई थी।
श्री करमचंदानी ने कहा कि अब विद्यार्थियों को डाटा साईंस की पढाई के लिए शहर से बाहर नहीं जाना पडेगा। उन्होंने महाविद्यालय की अकादमिक उत्कृष्टता के लिए शिक्षकों को आवश्यक सुझाव देने के लिए भी कहा। शैक्षणिक जगत में प्रधान मंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस, रतलाम अपनी विशिष्ठ पहचान स्थापित करेगा । महाविद्यालय में बडे स्तर पर रोजगार मेला आयोजित करने हेतु भी विस्तृत चर्चा एवं निर्देश दिए गए।
बैठक में प्राचार्य डॉ. मिश्र एवं श्री करमचंदानी ने कक्षाओं में व्यवस्थित अध्यापन के लिए शिक्षकों को आवश्यक निर्देश भी दिए। उन्होंने आशा व्यक्त की कि महाविद्यालय के सभी शिक्षक एवं कर्मचारी पूरे मनोयोग से महाविद्यालय को उत्कृष्ट बनाने में सहयोगी बनेंगे। श्री करमचंदानी एवं प्राचार्य ने नियमित कक्षाओं में उपस्थिति सुनिश्चित करने हेतु भी महाविद्यालय परिवार को साथ में प्रयास करने के लिये निर्देशित किया ।

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