
मुंबई (कल्याण स्नेक्स हॉस्पिटल)। शरीर साधना का साधन है यह निरोग हुए बिना साधना की कल्पना भी नहीं की जा सकती। उक्त विचार राष्ट्र संत कमल मुनि जी कमलेश ने तपस्वी घनश्याम मुनि जी के सफल ऑपरेशन पर हॉस्पिटल परिवार को आशीर्वाद प्रदान करते हुए कहा कि वर्तमान युग में निस्वार्थ भाव से सेवा करने वाले डॉक्टर भगवान से काम नहीं है।
मुनि कमलेश ने बताया कि शरीर की अनदेखी नहीं करना चाहिए। शरीर को नाव और आत्मा को यात्री बताया है वह अनंत पुण्य से मिलता है। राष्ट्र संत ने कहा कि संयम साधना और आराधना यहां तक मोक्ष की साधना बिना स्वस्थ शरीर के संभव नहीं है।
अखिल भारतीय जैन दिवाकर विचार मंच नई दिल्ली वरिष्ठ कार्यकर्ता विनोद नंदावत ने बताया कि डॉक्टर बीपी सिंह, डॉ मनीष अरोड़ा, डॉक्टर तुषार गावडे, डॉ जय गवाड़े की पूरी टीम ने जो अनुपम सेवा का लाभ लिया है मंच की ओर से इनका अभिनंदन किया जाएगा। देश के कोने-कोने मैं जीव दया और महामंत्र का जाप स्वास्थ्य के मंगल कामना के लिए दिवाकर मंच के 18 राज्यों में हजारों कार्यकर्ता ने भाव पूर्वक आराधना की। कौशल मुनि जी, अक्षत मुनि जी, नव दीक्षा अभिनंदन मुनि जी, गगन जैन निरंतर सेवा में लेने हैं।