निविदाकार के विरूद्ध होगी कानुनी वैधानिक कार्यवाही व करेगें ब्लैक लिस्टेड

रतलाम 4 अक्टूबर। नगर निगम द्वारा आयोजित श्री कालिका माता नवरात्री मेले में 2 अक्टूबर को दशहरे पर नेहरू स्टेडियम में आयोजित रावण दहन कार्यक्रम में रावण का पुतला नहीं जलने से नगर की जनता व जनप्रतिनिधियों में उत्पन्न हुए आक्रोश के तहत रावण पुतला निर्माण के निविदाकार को पुतला निर्माण का भुगतान नहीं किये जाने के साथ ही निविदाकार के विरूद्ध कानुनी वैधानिक कार्यवाही जायेगी व ब्लैक लिस्टेड किया जायेगा।
महापौर प्रहलाद पटेल ने निगम आयुक्त को प्रेषित पत्र में उल्लेखित किया है कि श्री कालिका माता नवरात्री मेला 2025 में दशहरे के अवसर पर रावण दहन का कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिस संबंध में पूर्व में ही मेरे द्वारा यह निर्देश दिये गये थे कि मेले का आयोजन एवं रावण दहन सही गुणवत्ता और बिना किसी त्रुटी से किया जाए, इसके बावजुद जिस ठेकेदार को रावण निर्माण हेतु ठेका दिया गया था उसके द्वारा इस कार्य में काफी लापरवाही बरती गई एवं मेला अधिकारियों द्वारा देखरेख एवं रावण दहन की गुणवत्ता की जांच नहीं की गई। जिस कारण रावण दहन उचित एवं पूर्ण रूप से नहीं होने से नगर के नागरिको द्वारा काफी आलोचना की गई जिसके कारण नगर निगम की छवि धुमिल हुई है। रावण निर्माण काफी घटिया स्तर पर किया गया तथा पर्याप्त पटाखे भी उपयोग में नहीं लाये गए।
इस हेतु रावण निर्माण हेतु ठेकेदार को ब्लेक लिस्टेड किया जाकर अर्नेस्टमनी राजसात की जाकर भुगतान नहीं किया जावें साथ ही ठेकेदार के विरूद्ध कानुनी वैधानिक कार्यवाही किये जाने के उचित निर्देश प्रदान कर मेला अधिकारी को कारण बताओं सूचना पत्र जारी कर 03 दिवस में स्पष्टीकरण मेरे समक्ष प्रस्तुत किया जावें एवं मेला अधिकारी को आगामी मेले सबंधित दायित्व से मुक्त किया जाकर स्वयं आयुक्त द्वारा देखरेख कर संपूर्ण आयोजन की जवाबदेही ली जावें।
सामान्य प्रशासन समिति प्रभारी धर्मेन्द्र व्यास ने नगर निगम की छवि को धूमिल करने वाले तथा जनता की भावना को ठेस पंहूचाने वाले रावण पुतला निर्माण निविदाकार को भुगतान नहीं करने तथा संबंधित के विरूद्ध कानुनी वैधानिक कार्यवाही कर ब्लैक लिस्टेड किये जाने हेतु निगम आयुक्त को पत्र प्रेषित किया है।
निगम आयुक्त ने बताया कि रावण पुतला निर्माण के निविदाकार राहूल गोस्वामी, गोस्वामी इन्टरप्राईजेस उज्जैन को पुतला निर्माण का भुगतान नहीं किया जायेगा तथा संबंधित के विरूद्ध कानुनी वैधानिक कार्यवाही कर ब्लैक लिस्टेड किया जायेगा।