प्रदेश पेंशनर्स की पीड़ा- पत्र प्रधानमंत्री के नाम

धारा 49(6) 2000 की आड़ में वर्षों से हो रहा है प्रदेश पेंशनरों के साथ आर्थिक कुठाराघात

रतलाम। प्रदेश के पांच लाख पेंशनर फैमिली पेंशनर्स की पीड़ा व्यथा, ज्वलंत मांगों का समाधान नहीं होना, म.प्र. शासन द्वारा लगातार निर्धारित देय तिथि से डी.आर. नहीं देना व एरियर हजम कर जाना। इससे पेंशनर्स व पेंशनर्स परिवार में घोर असंतोष एवं आक्रोश उत्पन्न हो रहा है। प्रोग्र्रेसिव पेंशनर्स एसोसिएशन म.प्र. उप प्रांताध्यक्ष कीर्ति कुमार शर्मा ने पेंशनर्स बैठक में कहा कि सब्र संतोष का बांधअब और नहीं, अब संघर्ष ही विकल्प है। प्रांतीय संगठन के आव्हान पर प्रदेश पेंशनरों के साथ निरंतर हो रहे आर्थिक शोषण म.प्र. शासन की पेंशन विरोधी नीति को लेकर प्रधानमंत्री को पेंशनर्स की पीड़ा पत्र ध्यानाकर्षित कर म.प्र. शासन को उचित दिशा निर्देश देने हेतु हजारों की संख्या में समस्त जिला तहसील ब्लाक स्तर से पूरे जनवरी माह में पेंशनर्स पत्र प्रेषित करेंगे।
जिला सचिव एम.एल. नगावत ने बैठक को संबोधित करते पी.एम. के नाम पत्र का वाचन करते हुए कहा कि पेशनर्स की न्यायोचित मांगो, हक के लिए तीव्र आंदोलन किया जाना आवश्यक है। आंदोलन में सभी पेंशनर्स की एकता जरुरी है। संगठन सचिव दुर्गेश सुरोलिया ने बताया कि संघर्ष ही आंदोलन का रास्ता हमें अपने अधिकारों को पाने के लिए प्रतिबद्ध होना पड़ेगा। संगठन के आव्हान को प्रत्येक पेंशनर सफल बनाएं।
इसी क्रम में जिला संगठन के पदाधिकारी प्रवक्ता प्रमोद व्होरा, रणजीतसिंह राठौर, एस.पी. शर्मा, महिला प्रकोष्ठ सचिव आशा श्रीवास्तव, जयवंत गुप्ते, एम.एल. भट्ट ने सांगठानिक एवं आगामी आंदोलन को सफल बनाने की अपील की। बैठक में बड़ी संख्या में उपस्थित पेंशनर्स साथियों ने पेंशनर्स की पीड़ा- पत्र ‘पी.एम. के नाम पत्रÓ अपने हस्ताक्षर नाम पता लिखकर लिफाफे पोस्ट किए गए।
बैठक में पिपलौदा तहसील अध्यक्ष ओमप्रकाश पोरवाल, बाजना तहसील अध्यक्ष दिनेश जोशी, कार्यकारी अध्यक्ष विमल कोठारी ने अपने विचार रखे। नये पेंशनर सदस्य चंद्रशेखर धुलधने से कुसुम परमार, राधेश्याम गामड़ का स्वागत सम्मान किया। पेंशनरों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ व संगठन की एकता के जोरदार नारेबाजी की। आभार कार्यकारी अध्यक्ष एम.एल. भट्ट द्वारा किया गया।