
जावरा (अभय सुराणा)। अखिल भारतीय जैन दिवाकर संगठन समिति के वरिष्ठ मार्गदर्शक सुजानमल कोचट्टा ने बताया कि दिनांक 22 फरवरी को राजस्थान के कमोल गांव की मुमुक्षु बहन कु. शीतल ने अल्पायु में ही पारिवारिक बन्धन की मोह माया से दूर भौतिक चकाचौंध के सांसारिक जीवन को त्याग कर जैन दिवाकरीय दक्षिण चनद्रीका महासाध्वी डॉ संयमलता जी महाराज की बनने जा रही सुशिष्या संयम यात्रा की और अग्रसर होकर आज अपने पेतृक गांव अमोल जिला उदयपुर में जैन संत सतियो की निश्रा में क्रमशः महाश्रमण श्री जिनेन्द्र मुनि जी, उपाध्याय श्री रमेश मुनि जी श्रमण संघीय उपाध्याय प्रवर जैन मार्तण्ड आगम मनिषी डॉ गोतम मुनि जी महाराज , कविरत्न धर्मज्ञाता श्रमण संघीय प्रर्वतक श्री विजय मुनि जी महाराज, दिवाकर दिव्य मेवाड़ सिंहनी श्री शांताकुंवर जी महासती , प्रवचन प्रभाकर श्री कंचन कवर जी, श्री सुभाजी, श्री मणीप्रभाजी महाराज आदि के पावन सानिध्य में जैन भगवती दिक्षा अंगीकार करेगी।
वरिष्ठ मार्गदर्शक श्री कोचट्टा ने बताया कि गुराणी मैय्या डॉ संयमलता जी के सानिध्य में उपाध्याय प्रवर डॉ गोतम मुनि जी महाराज मुमुक्षु बहन कु.शीतल को जैन आगम शास्त्र के विधि विधान से दिक्षा का पाठ पढ़ाकर दिक्षा प्रदान करेंगे कोचट्टा ने बताया कि लगभग लगभग दो तीन वर्षों से अपनी शिष्या मुमुक्षु बहन शीतल की शिक्षा दिक्षा को लेकर गुराणी मैय्या डॉ संयमलता जी ने महाराष्ट्र, गुजरात, मध्यप्रदेश व विशेष कर राजस्थान आदि में मैं लगातार उग्र विहार एवं चार्तुमास कर श्रमण संघीय आचार्य भगवंत डॉ शिवमुनि जी आदि वरिष्ठ गुरु भगवन्तो के मुमुक्षु बहन शीतल की दिक्षा को लेकरआर्शीवाद एवं आज्ञा प्राप्त की। 22 फरवरी को राजस्थान के छोटे से गांव में मुमुक्षु बहन शीतल की हो रही भगवती दिक्षा को लेकर ना केवल जैन समाज में बल्कि सभी समाज के भाई बहनों व श्रावक श्राविकाओ में व्यापक उत्साह है पुरा कमोल गांव दुल्हन की तरह सजाया गया है दो दिन पहले से भी धर्म प्रेमियों जन सैलाब उमड़ पड़ा है। हल्दी मेहंदी रक्षाबंधन की रस्मों में धर्म प्रेमी बढ़ चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। मुमुक्षु बहन शीतल के माता-पिता भाई-बहन परिवार के लोगों में भी संयम साधना का उत्साह देखने लायक है। भगवती दिक्षा में महाराष्ट्र गुजरात व विशेषकर मध्यप्रदेश के इन्दौर, उज्जैन, रतलाम जावरा मन्दसौर निमच निम्बाहैडा चितौड़ आदि के श्रावक श्राविकाएं बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। राकेश मेहता एवं सुभाष टुकडीया के साथ ही श्री संध के पारस गादिया, कमल चपडोद, दिलीप चत्तर , भंवरलाल मेहता श्रीपाल कोचट्टा सुजानमल औरा, सुशील चपडोद, अभय चोपड़ा, पुखराज भण्डारी, मनीष पोखरना, अशोक झामर, गौरव भण्डारी, अशोक चत्तर, फतेलाल चोरड़िया, राकेश ओस्तवाल व ऋषभ मेहता आदि मुमुक्षु बहन शीतल की दिक्षा व दर्शन के लिए कमोल गांव राजस्थान के लिए प्रस्थान हुए।