
रतलाम। भारतीय सनातन संस्कृति में पुरुषोत्तम मास को देवकृपा, आत्मशुद्धि, तप, साधना और मोक्ष का सर्वोत्तम काल माना गया है। यह वह दिव्य समय है जब श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा का संगम मानव जीवन को नई चेतना प्रदान करता है। प्रथम जेठ सुदी पंचमी के अत्यंत शुभ एवं दुर्लभ संयोग पर शिव शक्ति वासुकी धाम, स्नेह नगर (80 फीट रोड) रतलाम में गुरुवार 21 मई 2026 को प्रातः 11:30 बजे वासुकीनाथ महाराज का भव्य एवं अलौकिक महाअभिषेक श्रद्धा, वैदिक मंत्रोच्चार एवं दिव्य अनुष्ठानों के साथ सम्पन्न होगा।
इस पावन महाअभिषेक में दूध, दही, पंचगव्य एवं पवित्र जल से वासुकीनाथ महाराज का अभिषेक कर विश्वशांति, राष्ट्रकल्याण, सुख-समृद्धि एवं समस्त जनमानस के मंगल की कामना की जाएगी। रुद्रपाठ, वैदिक मंत्रों एवं भक्तिमय वातावरण से सम्पूर्ण धाम शिवशक्ति की दिव्य ऊर्जा से स्पंदित हो उठेगा। श्रद्धालुओं को ऐसा दिव्य अनुभव होगा मानो स्वयं देवत्व धरा पर अवतरित होकर भक्तों को आशीर्वाद प्रदान कर रहा हो।
धाम परिवार के अनुसार पुरुषोत्तम मास में किया गया अभिषेक केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि आत्मा को दिव्यता से जोड़ने वाला आध्यात्मिक सेतु है। वासुकीनाथ महाराज की आराधना मनुष्य के भीतर सकारात्मकता, आत्मविश्वास, करुणा एवं लोककल्याण की भावना जागृत करती है। वर्तमान समय में जब मानव जीवन तनाव, भय, असंतोष और मानसिक अशांति से घिरता जा रहा है, ऐसे में सामूहिक प्रार्थना एवं आध्यात्मिक साधना समाज को नई दिशा, नई शक्ति और आत्मिक शांति प्रदान करती है।
विशेष धार्मिक मान्यता अनुसार श्रद्धालु अपने ऊपर से तीन बार नारियल उतारकर मंदिर की तीन परिक्रमा कर हवन कुंड में समर्पित करेंगे। मान्यता है कि इससे नकारात्मक शक्तियों, ग्रहबाधाओं, मानसिक तनाव एवं जीवन की बाधाओं का शमन होता है। सफेद पुष्प अर्पण एवं श्रद्धापूर्वक की गई परिक्रमा जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और मंगलमय ऊर्जा का संचार करती है।
स्नेह नगर विकास समिति की अध्यक्ष एवं नागराज वासुकी की परम भक्त चेतना पाटीदार ने बताया कि वासुकीनाथ महाराज की असीम कृपा से धाम में प्रत्येक उजियारी पंचमी एवं रविवार को विशेष पूजन-अर्चन नियमित रूप से सम्पन्न होते हैं तथा श्रद्धालुओं की संख्या निरंतर बढ़ रही है। यह विशेष महाअभिषेक पंडित प्रवीण शर्मा के सानिध्य में सम्पन्न होगा।
धर्मप्रेमी नागरिकों एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों ने श्रद्धालुओं से अधिकाधिक संख्या में उपस्थित होकर इस दिव्य अवसर पर वासुकीनाथ महाराज की कृपा, शिवशक्ति की अनुभूति एवं जनकल्याण की आध्यात्मिक साधना में सहभागी बनने का भावपूर्ण आग्रह किया है।
आइए… पुरुषोत्तम मास की इस पुण्य बेला में वासुकीनाथ महाराज के चरणों में श्रद्धा अर्पित कर अपने जीवन, परिवार और समस्त समाज को सुख, शांति, शक्ति एवं दिव्य ऊर्जा से आलोकित करें।