रतलाम । अखिल विश्व गायत्री परिवार, शान्तिकुंज हरिद्वार (उत्तराखण्ड) द्वारा प्रतिवर्ष भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा का आयोजन बृहत स्तर सम्पूर्ण भारतवर्ष में किया जाता है। अब तक भारत के 20 प्रान्तों (नेपाल सहित) के 400 जिलो में, लगभग एक लाख स्कूलों के अन्तर्गत 9 भाषाओं में होने वाली इस अनुपम ज्ञान परीक्षा में करोड़ों विद्यार्थियों के जीवन को प्रभावित किया है। इन विद्यार्थियों को इस परीक्षा के माध्यम से भारतीय संस्कृति, अध्यात्म-विज्ञान एवं जीवन जीने की कला रूपी त्रिवेणी से स्नान कराया जाता है। मध्यप्रदेश में यह परीक्षा 1994 में प्रारम्भ की गई थी तभी से रतलाम जिले में भी गायत्री शक्तिपीठ डोंगरेधाम (शंकरगढ़) के माध्यम से यह परीक्षा संचालित की जा रही है।
जिले में परीक्षा संयोजक गोपालसिंह तोमर ने बताया कि इसके लिए विधिवत जिला शिक्षा अधिकारी रतलाम के पत्र द्वारा जिले के सभी स्कूलों के प्राचार्यों को उक्त परीक्षा मे अधिकाधिक विद्यार्थियों को बैठाने हेतु आग्रह किया गया है तथा इस बार रतलाम शहर के करीबन 20 से अधिक स्कूलो के अतिरिक्त जावरा, आलोट, ताल, सैलाना, पिपलौदा, बाजना, रावटी, बिरमावल, रानीसिंग, नगरा, धमोत्तर, बांगरोद आदि स्थानो से लगभग 5000 परीक्षार्थियों को बैठाने का लक्ष्य रखा गया है। उक्त परीक्षा के स्वाध्याय हेतु पाठ्यपुस्तक भी दी जाती है। इस वर्ष यह परीक्षा शनिवार 03 अक्टूबर 2026 को दोपहर 12 से 01 बजे आयोजित की जाएगी।
विद्यार्थियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन पर उन्हें प्रोत्साहन स्वरूप तहसील, जिला एवं राज्य स्तरीय पुरुस्कार से भी सम्मानित किया जाता है। वहीं स्कूल प्राचार्य, शिक्षकों का भी सम्मान एवं अभिनन्दन किया जाता है। गायत्री परिवार रतलाम के मीडिया प्रभारी पं० शिवपाल छप्री ने बताया कि बच्चों के उज्जवल भविष्य के निर्माण में सहायक उक्त भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा के सफल आयोजन के लिए गायत्री परिवार के मुख्य ट्रस्टी पातीराम शर्मा, जिला समन्वयक आचार्य दामोदर प्रसाद शर्मा, सह समन्वयक डॉ० आई पी त्रिवेदी के मार्गदर्शन में जिले के सभी तहसीलों के गायत्री परिजन पूर्ण समर्पण भाव से अपनी सहभागिता कर रहें है तथा सभी अभिभावकों एवं विद्यार्थियों से इस ज्ञानवर्द्धक परीक्षा में सम्मिलित होने का आग्रह कर रहें है।