श्रावण में शिव जी के साथ प्रकृति की सेवा का भी लिया संकल्प, गायत्री परिवार ने निकाली वृक्ष गंगा कावड़ यात्रा

रतलाम। रविवार की सुबह अखिल विश्व गायत्री परिवार की रतलाम शाखा द्वारा “वृक्षगंगा कावड़ यात्रा” का सफल आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम गायत्री परिवार द्वारा पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्द्धन के उद्देश्य से चलाए जा रहें विविध आयामों से एक था। “धर्मतंत्र से लोकशिक्षण” के माध्यम से इस यात्रा का प्रयोजन आमजन में शिव भक्ति के साथ साथ प्रकृति की सेवा के लिए संवेदनशीलता का जागरण था। यात्रा का उद्देश्य रतलाम को अधिक से अधिक हरा-भरा बनाने, वृक्षों के संरक्षण एवं संवर्धन, पौधारोपण तथा हरियाली के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के साथ समाज के प्रत्येक वर्ग एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों को पर्यावरण संरक्षण के इस अभियान से जोड़ना था।
आयोजन की मूल भावना को स्पष्ट करते हुए बताया गया कि भगवान शिव ने जिस प्रकार समुद्र मंथन से निकले हलाहल विष को स्वयं ग्रहण कर अमृत देवताओं के लिए छोड़ दिया, उसी प्रकार वृक्ष भी हमारे वातावरण से कार्बन डाइऑक्साइड रूपी विष को ग्रहण कर हमें ऑक्सीजन रूपी अमृत प्रदान करते हैं। इसलिए आज आवश्यकता है कि हमारी शिव पूजा और शिव भक्ति केवल मंदिरों तक सीमित न रहे, बल्कि शिव सेवा से प्रकृति सेवा और शिव पूजा से प्रकृति पूजा की ओर भी हमारा कदम बढ़े। वृक्षों को बचाना और उनकी सेवा करना भी इसी भावना का जीवंत स्वरूप है।

वृक्ष एवं कावड़ पूजन के साथ हुआ शुभारंभ
यात्रा का शुभारंभ प्रातः 09 बजे कालिका माता मंदिर से हुआ। जहाँ सर्वप्रथम माँ कालिका से आशीर्वाद लेकर अतिथियों द्वारा शुभारंभ विधिवत वृक्ष पूजन एवं कावड़ पूजन-अर्चन के साथ किया गया। गायत्री परिवार महिला मंडल की बहिनों ने आमंत्रित अतिथियों एवं कांवड़ धारण करने वाले भाइयों बहिनों का मंगल तिलक एवं रक्षा सूत्र बांधकर अभिनंदन किया। पूजन के क्रम में रतलाम विकास प्राधिकरण अध्यक्ष एवं वरिष्ठ समाजसेवी मनोहर पोरवाल, रतलाम विकास प्राधिकरण उपाध्यक्ष गोविंद काकानी, एमआईसी सदस्य एवं भाजपा पार्षद विशाल शर्मा, जन अभियान परिषद के जिला समन्वयक रत्नेश विजयवर्गीय, स्वामी विवेकानंद व्याख्यानमाला समिति के अध्यक्ष विम्पी छावड़ा, पर्यावरणविद डॉ खुशहाल सिंह पुरोहित, गायत्री परिवार के मुख्य ट्रस्टी पी.आर. शर्मा, युवा प्रकोष्ठ प्रांतीय संयोजक विवेक चौधरी, आनंद विभाग से जुड़ी पर्यावरणविद् एवं राष्ट्रपति पुरुस्कार प्राप्त सीमा अग्निहोत्री, समाजसेवी श्री मोहन मुरलीवाला सहित अन्य अतिथियों द्वारा संपन्न किया गया। पूजन कार्य डॉ. आई.पी. त्रिवेदी द्वारा करवाया गया। इसके पश्चात गायत्री परिजनों सहित उपस्थित सभी सहभागी संगठनों के सदस्यों, पर्यावरण प्रेमियों एवं वृक्ष प्रेमियों ने पौधों से सज्जित कांवड़ को कंधे पर धारण कर यात्रा का शुभारंभ किया।

नारों और प्रज्ञा गीतों के साथ आगे बढ़ी यात्रा
वृक्ष गंगा कावड़ यात्रा कॉन्वेंट स्कूल, मित्र निवास रोड, न्यू बैंक कॉलोनी रोड, राजा सज्जन सिंह प्रतिमा, दो बत्ती चौराहा होते हुए न्यू रोड से काशी विश्वनाथ महादेव मंदिर, सिविक सेंटर पहुंची। पूरी यात्रा के दौरान पर्यावरण संरक्षण से जुड़े नारों के साथ जनजागरण किया गया। गायत्री परिवार के प्रज्ञा गीतों ने यात्रा में आध्यात्मिकता, ऊर्जा और जनजागरण का वातावरण बनाया। इस यात्रा की विशेषता यह रही कि इसमें केवल गायत्री परिवार के कार्यकर्ता ही नहीं, बल्कि विभिन्न सामाजिक संगठनों, पर्यावरण प्रेमियों, वृक्ष प्रेमियों, युवाओं, महिलाओं एवं समाज के विभिन्न वर्गों को भी सहभागी बनाया गया।

विभिन्न स्थानों पर हुआ स्वागत
यात्रा का विभिन्न स्थानों पर समाजसेवियों एवं नागरिकों द्वारा स्वागत किया गया। भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष प्रदीप उपाध्याय, जिला मंत्री अनुज शर्मा एवं उनके मित्र मंडल द्वारा यात्रा का स्वागत किया गया। वहीं क्षेत्रीय पार्षद प्रतिनिधि विजय सिंह चौहान द्वारा न्यू रोड पर यात्रा का स्वागत किया गया।

काशी विश्वनाथ मंदिर पर हुआ समापन एवं पौध संरक्षण का संकल्प
यात्रा के काशी विश्वनाथ महादेव मंदिर, सिविक सेंटर पहुंचने पर गायत्री मंत्र एवं महामृत्युंजय मंत्र के जप के साथ भगवान काशी विश्वनाथ का पूजन किया गया। गायत्री परिवार के सदस्यों द्वारा विधिवत पूजा-अर्चना के पश्चात यात्रा का समापन हुआ।
समापन अवसर पर कुछ सहभागी नागरिकों को पौधे वितरित कर उन्हें केवल पौधा लगाने ही नहीं, बल्कि उसके संरक्षण एवं विकास की जिम्मेदारी लेने का संकल्प दिलाया गया। पौधा प्राप्त करने वाले साथियों से यह भी अपेक्षा की गई कि वे पौधे की प्रगति पर हर महीने रिपोर्ट भेजेंगे, ताकि पौधारोपण के साथ-साथ उसके जीवित रहने और वृक्ष बनने तक उसके संरक्षण की संस्कृति विकसित हो।

गायत्री परिवार के कार्यकर्ताओं एवं संगठनों की रही व्यापक सहभागिता
आयोजन में अतिथियों के साथ गायत्री परिवार के जावरा सहित जिले के ग्रामीण क्षेत्रों से आए कार्यकर्ताओं, महिला मंडल की बहनों तथा विभिन्न सक्रिय सामाजिक एवं पर्यावरणीय संगठनों के पदाधिकारी एवं सदस्यों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही।
वृक्ष गंगा कावड़ यात्रा ने यह संदेश दिया कि पर्यावरण संरक्षण केवल किसी एक संस्था या व्यक्ति की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज का सामूहिक दायित्व है। जिस श्रद्धा और उत्साह से हम भगवान शिव की पूजा करते हैं, उसी श्रद्धा से यदि उनके जीवंत स्वरूप वृक्षों की रक्षा और सेवा का संकल्प लें, तो रतलाम को अधिक हरित, स्वस्थ और सुंदर बनाने की दिशा में एक बड़ा परिवर्तन संभव है।

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