“म.प्र. में जैन बोर्ड का गठन शीघ्र हो” : महाश्रंमण सुधासागर महाराज

इंदौर (राजेश जैन दद्दू)। महाराष्ट्र के राज्यमंत्री और प्रथम जैन आयोग के चेयरमैन ललित गांधी ने लिया आशीर्वाद। म.प्र. में बोर्ड की प्रक्रिया तेज करने का आश्वासन दिया। धर्म समाज प्रचारक राजेश जैन दद्दू ने बताया कि परम पूज्य जगतपूज्य निर्यापक मुनि पुंगव श्री 108 सुधासागर जी महाराज ने मध्यप्रदेश में जैन बोर्ड का गठन शीघ्रातिशीघ्र होना चाहिए, इस हेतु विशेष प्रेरणा प्रदान की। प्रतिनिधिमंडल ने
परम पूज्य गुरुदेव के पावन दर्शन एवं आशीर्वाद प्राप्त किया। दद्दू ने बताया कि महाराष्ट्र सरकार के राज्यमंत्री एवं भारत के प्रथम स्वतंत्र जैन आयोग के चेयरमैन माननीय श्री ललित जी गांधी (कोल्हापुर)* के नेतृत्व में जैन समाज का प्रतिनिधिमंडल उपस्थित हुआ। इस अवसर पर गुरुदेव श्री सुधासागर महाराज ने श्री ललित जी गांधी को विशेष आशीर्वाद प्रदान करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश सरकार द्वारा घोषित जैन बोर्ड को अति शीघ्र प्रारंभ किया जाना चाहिए। इससे समाज के धार्मिक, शैक्षणिक और सामाजिक कार्यों को नई गति मिलेगी।

ललित गांधी का आश्वासन
श्री ललित जी गांधी ने गुरुदेव को आश्वस्त करते हुए कहा कि वे इस विषय में अति शीघ्र संबंधित स्तर पर – मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव स्तर पर चर्चा करेंगे, ताकि जैन बोर्ड की प्रक्रिया को गति दी जा सके। उन्होंने कहा कि म.प्र. जैसा बड़ा जैन बाहुल्य प्रदेश होने से यहाँ जैन बोर्ड का मॉडल पूरे देश के लिए उदाहरण बनेगा।

प्रतिनिधिमंडल में ये रहे उपस्थित
प्रतिनिधिमंडल में अखिल भारतीय जैन अल्पसंख्यक महासंघ के राष्ट्रीय संयुक्त मंत्री श्री सौरभ भंडारी, मध्यप्रदेश संयोजक डॉ. संजीव जैन, उमेश जैन, विजय पितलिया एवं संदीप जैन (मंदसौर) सहित समाजजन उपस्थित रहे।
इस अवसर पर समाज श्रेष्ठीयो ने गांधी का स्वागत सम्मान किया इस अवसर पर राहुल जैन स्पोर्ट्स, डी.के जैन गिरीश गिन्नी, आनंद गोधा, नवीन गोधा, अशोक रानी दोशी, आकाश जी कोयला, हर्ष जैन एवं सौरव पटौदी जी ने प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया। सभी ने गुरुदेव से जैन बोर्ड के शीघ्र गठन हेतु मंगल आशीर्वाद प्राप्त किया।

“क्या है जैन बोर्ड” – 60 शब्द
मध्यप्रदेश सरकार ने जैन समाज के कल्याण, तीर्थों की सुरक्षा, शिक्षण संस्थाओं के विकास और अल्पसंख्यक योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए स्वतंत्र जैन बोर्ड की घोषणा की है। महाराष्ट्र में पहला जैन आयोग बनने के बाद अब म.प्र. में बोर्ड के गठन से 50 लाख से अधिक जैन समाज को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।

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