मुस्लिम स्टूडेंट एजुकेशन एंड वेलफेयर सोसायटी ने 203 मेघावी विद्यार्थियों को किया सम्मानित

अतिथियों ने कहा टारगेट तय कर आगे बढ़े, तालीम हासिल करने में पीछे न रहे

रतलाम। मुस्लिम स्टूडेंट एजुकेशन एंड वेलफेयर सोसायटी द्वारा मेधावी विद्यार्थी सम्मान समारोह-2026 का आयोजन समाजसेवी खुर्शीद अनवर की अध्यक्षता, शासकीय उत्कृष्ट उमावि के प्राचार्य सुभाष कुमावत, शासकीय महिला आईटीआई के प्राचार्य सुजीत चौहान, प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंट के प्रोफेसर डॉ. रियाज एहमद मंसूरी और समता शिक्षा निकेतन उमावि के प्राचार्य तौसिफ खान के आतिथ्य में किया गया। समारोह में 203 विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया।
समारोह में अतिथियों के साथ ही समाजसेवी मोहम्मद परवेज निखार, आसिफ क़ुरैशी, हाफिज मोहम्मद ईस्माइल खान, रईस मेव, सैयद शौकत अली फ्यूचर फाउंडेशन के सदस्य सैयद मुख्तियार अली, सैयद मकसूद अली, शायर अब्दुल सलाम खोखर आदि ने 75 या इससे ज्यदा अंक लाने वाले 10वीं कक्षा के 101 और 12वीं कक्षा के 98 विद्यार्थियों को शील्ड, प्रमाण-पत्र व उपहार देकर सम्मानित किया। वहीं इस वर्ष नीट परीक्षा क्वालीफाई कर मेडिकल कॉलेजों के लिए चयनित छात्रा राफिया कुरैशी, जोया कुरैशी, सिमरन अब्बासी और अर्शन खान एवं जो जित्सू (मार्शल आर्ट) में मध्य प्रदेश की गोल्ड मेडलिस्ट और राष्ट्रीय स्तर पर कांस्य पदक विजेता नौशिन कादरी को भी सम्मानित किया गया। प्रारंभ में सोसायटी के संयोजक इकबाल एहमद कुरैशी, अध्यक्ष इशहाक खान पठान, उपाध्य्क्ष लियाकत अली खान व अब्दुल अजीज खान, सचिव मोहम्मद सलीम खान, सहसचिव अशफाक एहमद कुरैशी व शकील एहमद सिद्दीकी, कोषाध्यक्ष जुनैक अख्तर, सदस्य शहनावज खान, आदिल खान, समीर खान आदि ने अतिथियों का स्वागत किया। सोसायटी की गतिविधियों की जानकारी सचिव सलीम खान ने दी। अतिथियों का परिचय संयोजक इकबाल एहमद कुरैशी ने दिया।
समारोह को संबोधित करते हुए समाजसेवी खुर्शीद अनवर ने कहा कि समाज को जागरूक करने व बच्चों को तालीम दिलाने में सभी मिलजुलकर प्रयास करें। माता-पिता बच्चों को अच्छी तालीम दें और उन्हें नियंत्रण में रखे। बगैर तालीम के तरक्की संभव नहीं है। सोसायटी सदस्य व नौजवान गरीब इलाकों में जाकर उन छोटे बच्चों की तलाश कर उन्हें स्कूल भेजनेमें मदद करें, जो स्कूल नहीं जाते। उनकी फीस व कापी-किताबों की समस्या नहीं आएंगी। हम व अन्य समाजसेवी उनकी मदद करेंगे। शासकीय उत्कृष्ट उमावि के प्राचार्य सुभाष कुमावत ने कहा कि माता-पिता बच्चों को पढ़ाने के लिए सबकुछ न्यौछावर कर रहे हैं, बच्चों की भी जवाबदारी है कि वे भी तालीम पर अपना सब कुछ न्यौछावर कर दें, फिर कोई बाधा उन्हें आगे बढ़ने से नहीं रोक सकती। कोचिंग फीस कोई बड़ा मुद्दा नहीं है। अब इंटरनेट का जमाना है, ऑनलाइन भी पढ़ सकते हैं। मोबाइल फोन का सही उपयोग करें, सही दिशा में आगे बढ़े, बुराइयों से बचे, गलत रास्ता न चूने। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि शिक्षक को कभी गलत न समझे, शिक्षक कभी गलत नहीं होता। शिक्षक जो कहें, वह करें। मेरे स्कूल में 1300 विद्यार्थी है, सभी हमारे लिए समान है। शिक्षकों को छूट दे, यदि वे बच्चे को डांटे तो कभी बच्चे का पक्ष न ले, गलती करने पर, पढ़ाई ठीक से नहीं करने पर शिक्षक बच्चे की अच्छाई के लिए ही उसे डाटता है। पढ़ाई व स्कूल के अनुशासन मामले में कभी बच्चे का पक्ष न ले। यदि आपने बच्चे का पक्ष लिया तो वह हमेशा समझेगा कि स्कूल में गलती करूंगा तो पिता आकर साथ देंगे, इससे बच्चा बिगड़ेगा।
प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंट (शासकीय कला एवं विज्ञान महाविद्यालय) के प्रोफेसर डॉ. रियाज एहमद मंसूरी ने कहा कि केवल स्कूल जाना और किताबे पढ़ना ही इल्म हासिल करना नहीं होता है। कारपेंटर, मैकेनिक, पत्रकार या अन्य कोई भी, सभी ने इल्म हासिल किया है। हर क्षेत्र में दक्षता हासिल करना इल्म है। यहां बैठे विद्यार्थियों के लिए अभी यह पहला पायदान है। दो नाव पर सवार न हो, टारगेट लेकर आगे बढ़े और टारगेट पर ही फोकस करें। जिन विद्यार्थियों को मेडिकल, आईआईटी, नेशनल लॉ यूनिर्वसिटी में एडमिशन मिला है, वे एक दिन मिलकर 10वीं-12वीं के विद्यार्थियों के साथ बैठक कर उन्हें बताए कि आपने कितनी मेहनत की है, इससे उन्हें मार्गदर्शन मिलेगा। शासकीय महिला आईटीआई के प्राचार्य सुजीत चौहान ने कहा कि मैं जब रात को सोने जाता हूं तो नोटिस करता हूं कि आज दिनभर क्या किया और कल क्या-क्या करना है। कहने का मतलब है कि हमे कल क्या करना है, यह याद रहेगा। कोई भी काम अधूरे मन से न करें, सोच समझ कर टारगेट तय करें और उसके लिए कड़ी मेहनत करें। सोए हुए शेर के मुंह में हिरण भी नहीं आता, उसे भी शिकार करने के लिए मेहनत करना होती है। सफलता की कोई परिभाषा नहीं होती। 10वीं व 12वीं तक पढ़ाई करना सफलता नहीं है, अभी और आगे पढ़ना है। आगे बढ़े, घर-परिवार, समाज, देश के लिए क्या कर सकते है, उस पर भी फोकस करें। पढ़ाई करने में कोई समस्या आ रही है तो माता-पिता से बात करें, सोसायटी पदाधिकारियों से मिले, हमसे या किसी अधिकारी से संर्पक करें। जो आईटीआई में प्रवेश चाहते हैं, वे प्रवेश लें। आईटीआई कर स्वयं का रोजगार प्राप्त कर सकते है और कहीं नौकरी भी पा सकते हैं। समता शिक्षा निकेतन स्कूल के प्राचार्य तौसिफ खान ने कहा कि पढ़ाई करने में गरीबी कोई कारण नहीं है, मिसाइमैन एपीजे अब्दुल कलाम और कई उच्च शिक्षित व सफल लोग भी गरीब थे, लेकिन उन्होंने पढ़ाई करने में कोई कसर नहीं छोड़ी और उंचे मुकाम पर पहुंचे। सपने वे नहीं होते, जो सोते वक्त देखे जाते है, सपने वो होते है जो हमें सोने नहीं देते। सैयद शौकत अली फ्यूचर फाउडेंशन के सदस्य सैयद मुख्तियार अली ने कहा कि देखने में आ रही है कि समाज की लड़किया ज्यादा पढ़ रही है और लड़के कम। लड़कों की पढ़ाई पर भी ध्यान दें। ऐसा नहीं करने पर आगे जाकर रिश्ते करने में परेशानी आएंगी। आज जो शिल्ड व प्रमाण-पत्र मिले, उन्हें घर पर ऐसे स्थान पर रखे कि जहां हर दिन नजर जाए। उन्हें देखकर आपको और आपके छोटे भाई-बहनों को भी देखकर ऐसे ही सम्मान पाने के लिए आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी। कार्यक्रम का संचालन जुनैद अख्तर व मोहम्मद सलीम खान (बेटमा) ने किया।

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