जावरा (अभय सुराणा) । केंद्र सरकार द्वारा UPI भुगतान पर 15 अक्टूबर से प्रस्तावित MDR (मर्चेंट डिस्काउंट रेट) चार्ज के विरोध में देशभर के व्यापारियों के साथ जावरा के व्यापारी भी लामबंद हो रहे हैं। इसी कड़ी में अहिल्या चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री द्वारा 23 सितंबर को घोषित “नो-UPI डे” का किराना व्यापारी एसोसिएशन, जावरा ने समर्थन किया है।किराना व्यापारी एसोसिएशन, जावरा के अध्यक्ष संजय सुराणा ने बताया कि सरकार का यह निर्णय छोटे और मध्यम व्यापारियों के हित में नहीं है।
उन्होंने कहा कि “जब UPI शुरू हुआ था, तब हम सभी व्यापारियों ने सरकार के डिजिटल इंडिया अभियान का दिल से स्वागत किया था। हमने अपने ग्राहकों को नकद की जगह UPI से भुगतान करने के लिए प्रोत्साहित किया, जिससे डिजिटल लेन-देन बढ़ा और व्यापार आसान हुआ।”
“लेकिन अब UPI पर 0.4 प्रतिशत तक MDR चार्ज लगाना व्यापारियों पर सीधा अतिरिक्त आर्थिक बोझ है। एक छोटे किराना व्यापारी का मार्जिन ही 2 से 3 प्रतिशत होता है, उसमें से अगर MDR कटेगा तो हम व्यापार कैसे करेंगे। सरकार को इस प्रस्ताव पर पुनर्विचार करना चाहिए।”सुराणा ने आगे बताया कि 23 सितंबर को नो-UPI डे का उद्देश्य सरकार तक व्यापारियों की एकजुटता और विरोध दर्ज कराना है, न कि ग्राहकों को परेशान करना।
किराना व्यापारी एसोसिएशन, जावरा के अध्य्क्ष संजय सुराणा, रमेश शर्मा, झामनदास देवानी,मनीष कोठारी,अमित चत्तर,रामु अग्रवाल,सिदार्थ पोखरना, दर्शन भट्ट,सुरेश मनवानी,विजय राठोड़ गोपाल साहू मंगलेश जैन ,शिखर बाफना हित समस्त व्यपारियो ने भी माननीय प्रधानमंत्री एवं वित्त मंत्री से इस प्रस्ताव को वापस लेने की मांग का समर्थन किया है और सरकार से मांग की है कि MDR की दर को 0.4% से घटाकर 0.1% किया जाए या इसे पूरी तरह वापस लिया जाए।