जीवन में मुस्कान है तो ही जीवन की शान है जितना प्राप्त है उतना पर्याप्त है तभी सुखी रह सकते हैं – मुनि सुयश सागर जी

झुमरीतिलैया। जैन धर्म का सर्वोच्च पर्व दसलक्षण पर्यूषण का चौथा दिन जैन धर्मावलंबियों ने उत्तम शौच धर्म के रूप में मनाया। झुमरी तिलैया में चातुर्मास कर रहे महासंत जैन मुनि सुयश सागर गुरुदेव ने अपनी अमृत वाणी मे भक्तजनों को कहा कि मनुष्य के जीवन की सबसे बड़े गंदगी और पाप यदि कुछ है तो वह लोभ है जो मन मस्तिष्क को गंदा कर देती है लोभ का त्याग ही शौच धर्म है लोभ पाप का बाप है सबसे बड़ा लोभ जीवन का लोभ है यदि मृत्यु सामने है तो अपना जीवन बचाने के लिए हम अपने परिवार को भी आगे कर देते हैं लोभ के कारण आज पूरे विश्व में अशांति है एक दूसरे की संपत्ति और साम्राज्य को अपने अधिकार में लेने की होड़ लोभी प्रवृत्ति के कारण ही है जब मन आकर्षण की ओर जागता है तभी लोभ जागता है मन के अंदर का जो मेल है उसकी सफाई आवश्यक है लोभ के त्याग से ही जीवन में पवित्रता आती हैं। इतिहास साक्षी है कि व्यक्ति लोभ के कारण हिंसक बन जाता है अंधा बन जाता है। कौरवों को सत्ता का लोभ था और इसलिए महाभारत हुआ पूरा घर परिवार संपत्ति राज्य सभी खत्म हो गया। मनुष्य के इच्छा की पूर्ति कभी नहीं हो सकती है और इसी इच्छा पूर्ति की प्राप्ति के लिए वह हिंसक प्रवृत्ति का बन जाता है मनुष्य की खोपड़ी हमेशा खाली होती है पूरे विश्व की संपदा को भी उस में भर दिया जाए तब भी वह कम ही रह जाता है, समता रूपी संतोष से ही इसे भरा जा सकता है । लोभ के त्याग से ही सत्य का सूरज हमारे जीवन में आएगा। जीवन में मुस्कान है तो ही जीवन की शान है जितना प्राप्त है उतना पर्याप्त है तभी सुखी रह सकते हैं बाहर की शुद्धता से पहले अंतरंग की शुद्धता आवश्यक है स्नान कर शरीर को धोने से पहले अपने बुरे कर्मों को धोने की आवश्यकता है जीवन में सुख शांति के लिए संतोष का होना आवश्यक है।
आज प्रातः दोनों मंदिरों में 10 लक्षण धर्म की पूजा श्रद्धालु भक्तजन महिलाएं पुरुष बच्चे ने बड़े भक्ति भाव से किया विश्व शांतिमंत्रों से जैन संत मुनि श्री 108 सुयश सागर जी मुनीराज ने अभिषेक और शांति धारा कराई वीरागोदय चातुर्मास कमेटी के संयोजक एवं शिविर के संयोजक ने पूजा विधि विधान मंदिर संबंधी कार्यों की जानकारी दी पंडित अभिषेक शास्त्री और संगीतकार सुबोध गंगवाल ने विधान पूजा का कार्य भक्ति और आनंद से संपन्न कराया ।
आज प्रातः बड़ा मंदिर स्टेशन रोड में पारसनाथ भगवान पर प्रथम अभिषेक एवं शांति धारा ललित सृष्टि जैन अजमेरा हजारीबाग ने किया श्री जी का बिहार कर कर भगवान आदिनाथ को पनडु्कशीला पर विराजमान करने एवं प्रथम अभिषेक शांति धारा का सौभाग्य यशवीर युवान सुरेश शैलेश सौरभ जैन लुहाड़िया परिवार को मिला ओर भगवान के दूसरे और से मुन्ना जैन बाकलीवाल ने शांति धारा की पंडाल परिसर में भगवान महावीर स्वामी का श्री बिहार एवं प्रथम अभिषेक अजीत जैन गंगवाल परिवार ने किया पंडाल परिसर में भगवान महावीर की शांति धारा एवं पुष्पदंत भगवान पर कमल जैन गंगवाल परिवार ने किया।
नया मंदिर में भगवान महावीर का प्रथम कलसभिषेक व शांति धारा ओमप्रकाश विनीत जैन सेठी एवं फूलचंद प्रदीप जैन पांडया परिवार ने किया भगवान आदिनाथ की बेदी पर अभिषेक जैन गंगवाल परिवार को मिला निर्वाण लाडू चढ़ाने का सौभाग्य मुन्ना जैन बाकलीवाल प्रदीप जैन पांडया परिवार को मिला।
इसके बाद आज झुमरीतिलैया के इतिहास में प्रथम बार सभी विरागोदय साधना शिविर के सभी शिवीरार्थी को समाज के लोगो ने अपने घर ले जाकर शुद्ध भोजन कराया सभी शिविरार्थि को आदर पूर्वक अपने घर ले जाकर आदर पूर्वक भोजन कराया। संध्या भव्य आरती,णमोकार चालीसा के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम विद्यासागर पाठशाला के बच्चों के द्वारा किया जाएगा। उक्त जानकारी जैन समाज के मीडिया प्रभारी राजकुमार जैन अजमेरा नवीन जैन ने दी ।

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