
जावरा (अभय सुराणा) । श्रमण संघीय चतुर्थ पट्टधर आचार्य सम्राट डॉ. शिवमुनि जी महाराज साहब के 85वें जन्मोत्सव के पावन अवसर पर धर्म आराधना चातुर्मास समिति व जैन दिवाकर परिवार, जावरा के द्वारा जीवदया सोसाइटी में गायों का स्वामीवात्सल्य (चारा व गुड़ खिलाकर) आयोजित कर आचार्य भगवंत का जन्मदिवस श्रद्धा व उत्साहपूर्वक मनाया गया।
उच्च शिक्षित व ध्यानयोगी संत हैं आचार्य श्री
आचार्य डॉ. शिवमुनि जी म.सा. का जन्म 18 सितंबर 1942 को पंजाब के मलोट (मालवा क्षेत्र) में एक समृद्ध ओसवाल जैन परिवार में हुआ था। बचपन में उनका नाम शिव कुमार था। वे वर्तमान जैन संतों में सर्वाधिक शिक्षित संतों में अग्रणी हैं। उन्होंने पंजाब विश्वविद्यालय से दर्शनशास्त्र (Philosophy) में डबल एम.ए. तथा अंग्रेजी साहित्य में एम.ए. की उपाधि प्राप्त की। इसके उपरांत उन्होंने ‘भारतीय धर्मों में मुक्ति की अवधारणा (विशेषकर जैन धर्म के संदर्भ में)’ विषय पर शोध कर पीएचडी (Ph.D.) तथा तत्पश्चात डी.लिट (D.Litt) की सर्वोच्च उपाधियां हासिल कीं।
51 देशों का भ्रमण और वैराग्य पथ
युवावस्था में सत्य की खोज की तीव्र ललक के चलते उन्होंने मई 1971 में विश्व के करीब 51 देशों की यात्रा कर पाश्चात्य संस्कृति और जीवन को निकट से समझा। सांसारिक वैभव से विरक्त होकर 30 वर्ष की आयु में 17 मई 1972 को उन्होंने राष्ट्रसंत श्री ज्ञान मुनि जी महाराज के सानिध्य में जैन भागवती दीक्षा अंगीकार की।
उनकी अप्रतिम योग्यता और ज्ञान साधना को देखते हुए वर्ष 1987 में उन्हें ‘युवाचार्य’ घोषित किया गया। इसके बाद 9 जून 1999 को महाराष्ट्र के अहमदनगर में उन्हें श्रमण संघ के चतुर्थ पट्टधर ‘आचार्य सम्राट’ के सर्वोच्च पद पर प्रतिष्ठित किया गया। ‘ध्यानयोगी’ व ‘आत्म-ध्यान गुरु’ के रूप में प्रख्यात आचार्य श्री का मुख्य संदेश ‘आत्मानुभूति’ और ‘आत्म-ध्यान’ है। उनका मानना है कि ध्यान ही आत्मा को कर्म बंधनों से मुक्त करने का सबसे सशक्त माध्यम है।
समारोह में रही गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति
जीवदया सोसाइटी में आयोजित इस सेवा कार्य के दौरान जैन दिवाकर परिवार के कई वरिष्ठ एवं युवा सदस्य उपस्थित रहे। आयोजन में धर्म आराधना चातुर्मास समिति प्रमुख नितिन कोलन व अजय चपड़ोद, पराग कोचट्टा, राजमल भंडारी, सुजान मल जी कोचट्टा, सुशील मेहता, राकेश कोचट्टा, राजेश सियार, विरेन्द्र डोसी, पारस गादिया, अभय मंडलेचा, निलेश पोखरना, राहुल गादिया, जैनम चपड़ोद, आशीष चोपड़ा , विनोद चपड़ोद, सहित महिला मंडल से प्रेमलता कोलन, ललिता नांदेचा, सीमा सियार, उषा कोचट्टा,अनिता चपड़ोद, ललिता श्रीश्रीमाल एवं प्रतिभा मंडलेचा आदि ने उपस्थित होकर पुण्य लाभ अर्जित किया।