सकल जैन समाज ने 20 वर्ष की सजा व कड़े कानून की मांग को लेकर सौंपा ज्ञापन, मंदिरों में चोरी और ग्रंथों की बेअदबी पर फूटा आक्रोश

इंदौर 17 अक्टूबर (राजेश जैन दद्दू) । इंदौर एवं मध्य प्रदेश सहित देश भर के विभिन्न जैन मंदिरों एवं अतिशय क्षेत्रों में लगातार हो रही चोरी, चोरी के प्रयासों तथा धार्मिक ग्रंथों एवं प्रतिमाओं को नुकसान पहुँचाने की आपराधिक घटनाओं के विरोध में राष्ट्रीय जिनशासन एकता संघ के प्रचारक राजेश जैन दद्दू एवं मंयक जैन के आह्वान पर दिगंबर जैन सामाजिक संसद, पुलक जन चेतना मंच, दिगंबर जैन सोशल ग्रुप फेडरेशन, दिगंबर जैन महासमिति, एवं दिगंबर जैन महासभा और सकल जैन समाज के संयुक्त तत्वावधान में रीगल चौराहा पर विशाल प्रदर्शन आयोजित कर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया। मंयक जैन ने बताया कि इस प्रदर्शन को इंटरनेशनल जैन फोरम तथा करणी सेना का पूर्ण समर्थन एवं सक्रिय सहयोग प्राप्त हुआ। प्रदर्शन के दौरान समाजजनों और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने एक स्वर में आक्रोश व्यक्त करते हुए प्रशासन और सरकार से मंदिरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

प्रमुख घटनाएँ जिन पर जताया गया कड़ा विरोध –

  • इंदौर क्षेत्र: गोम्मटगिरि तीर्थ में चोरी का प्रयास, श्री शीतलनाथ श्वेतांबर जैन मंदिर (द्वारकापुरी), मलयगिरी तीर्थ (गांधीनगर) एवं कल्पतरु जिनालय में सुरक्षा एवं आपराधिक घटनाओं का मामला।
  • सेमलखेड़ी (सिरोंज): तारण गिरी स्थित गुफा की दीवार तोड़कर पावन ग्रंथराज श्री अध्यात्मवाणी जी को असामाजिक तत्वों द्वारा नुकसान पहुँचाने की शर्मनाक घटना।
  • अन्य क्षेत्र: ऋषि तीर्थ (देवास रोड) एवं श्री चंद्रनाथ जिनालय (अंबिकापुर) सहित विभिन्न स्थलों पर लगातार हो रही घटनाएँ।

ज्ञापन में की गई 7 प्रमुख माँगें –

  1. 20 वर्ष का कठोर कारावास व कड़ा कानून: धार्मिक स्थलों से प्रतिमा चोरी, ग्रंथों को नुकसान पहुँचाने तथा धार्मिक धरोहर को खंडित करने वाले अपराधियों के लिए कम से कम 20 वर्ष तक के कठोर कारावास का वैधानिक प्रावधान किया जाए।
  2. सख्त गैर-जमानती प्रावधान: ऐसे गंभीर अपराधों को अजमानतीय (Non-Bailable) श्रेणी में रखा जाए और आरोपियों की आसानी से होने वाली जमानत पर पूरी तरह रोक लगाई जाए।
  3. सेमलखेड़ी व अन्य घटनाओं के दोषियों की तुरंत गिरफ्तारी: ग्रंथराज को नुकसान पहुँचाने वाले असामाजिक तत्वों एवं चोरों को अविलंब गिरफ्तार कर सख्त सजा दी जाए।
  4. देशव्यापी कड़ा केंद्रीय कानून: पूरे देश के जैन मंदिरों व तीर्थक्षेत्रों की सुरक्षा के लिए केंद्र सरकार द्वारा एक सख्त ‘राष्ट्रीय धार्मिक धरोहर सुरक्षा कानून’ बनाया जाए।
  5. संगठित गिरोहों पर मकोका (MCOCA) व संपत्ति जब्ती: मूर्ति तस्करों और चोर गिरोहों के खिलाफ मकोका की तर्ज पर मामला दर्ज कर उनकी संपत्तियाँ जब्त की जाएँ।
  6. विशेष जाँच दल (SIT) व फास्ट ट्रैक कोर्ट: सभी लंबित मामलों की जाँच SIT से कराई जाए तथा प्रकरणों की त्वरित सुनवाई हेतु विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन किया जाए।
  7. कार्रवाई से अवगत कराना: पुलिस प्रशासन द्वारा की जा रही जाँच, गिरफ्तारी एवं सुरक्षा व्यवस्था की प्रगति से संगठन व समाज के प्रतिनिधिमंडल को समय-समय पर लिखित रूप से अवगत कराया जाए।

संगठन प्रतिनिधियों का वक्तव्य –
राष्ट्रीय जिनशासन एकता संघ, दिगंबर जैन सामाजिक संसद दिगंबर जैन सोशल ग्रुप फेडरेशन एवं सकल जैन समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि धार्मिक आस्था और प्राचीन धरोहरों पर प्रहार अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि शीघ्र ही प्रशासन द्वारा दोषियों पर कठोर कार्रवाई नहीं की गई और सुरक्षा के ठोस प्रबंध नहीं किए गए, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
इंटरनेशनल जैन फोरम और करणी सेना के पदाधिकारियों ने भी इस न्यायसंगत लड़ाई में कदम से कदम मिलाकर पूरा साथ देने और राष्ट्रीय स्तर पर आवाज उठाने का संकल्प व्यक्त किया।

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