- ठोस अपशिष्ट प्रबंधन एसडब्ल्यूएम 2026 के तहत हुआ प्रशिक्षण
- नगरीय निकायों के सेनेटरी इन्सपेक्टर एवं सुपरवाइजरों को दिया प्रशिक्षण
- सोर्स सेग्रीगेशन संपूर्ण ठोस अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था की आधारभूत कड़ी


रतलाम । नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के दिशा-निर्देशानुसार होटल बालाजी सेंट्रल में नगरीय ठोस अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था को अधिक प्रभावी, व्यवस्थित एवं जनभागीदारी आधारित बनाने के उद्देश्य से फीडबैक फाउंडेशन के तत्वावधान में वेस्ट कलेक्शन, सोर्स सेग्रीगेशन एवं सिटीजन इंगेजमेंट विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में महापौर प्रहलाद पटेल की उपस्थिति में अनिल भाना, स्वच्छता अधिकारी राजेंद्र सिंह पंवार, सैनिटरी इंस्पेक्टर, सुपरवाइजर एवं जोनल इंचार्ज एवं पीआईयू विनोद कामरे सहित कुल 73 प्रतिभागियों ने सहभागिता की।
प्रशिक्षण का उद्देश्य डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण व्यवस्था को सुदृढ़ करना, स्रोत स्तर पर कचरे के पृथक्करण को प्रभावी रूप से लागू करना, फील्ड मॉनिटरिंग एवं सुपरविजन को बेहतर बनाना तथा नागरिकों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करना रहा।
प्रशिक्षण के दौरान फीडबैक फाउंडेशन से प्रदीप श्रीवास्तव जी द्वारा डोर-टू-डोर वेस्ट कलेक्शन, गीले एवं सूखे कचरे के पृथक्करण, फील्ड सुपरविजन, नियमित मॉनिटरिंग, सिटीजन एंगेजमेंट आईसी एण्ड बीसीसी एवं व्यवहार परिवर्तन से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर प्रतिभागियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया। साथ ही, फील्ड में सामने आने वाली समस्याओं की पहचान कर उनके प्रभावी एवं व्यवहारिक समाधान विकसित करने पर भी चर्चा की गई।
प्रशिक्षण में बताया गया कि सोर्स सेग्रीगेशन संपूर्ण ठोस अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था की आधारभूत कड़ी है। इसे प्रभावी बनाने के लिए सफाई मित्रों, सेनेटरी इंसपेक्टर, सुपरवाइजर, जोनल अधिकारियों तथा नागरिकों के मध्य निरंतर संवाद एवं बेहतर समन्वय आवश्यक है। नागरिकों को कचरे के पृथक्करण के प्रति जागरूक करने तथा उनके व्यवहार में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए फील्ड स्तर पर सतत प्रयास किए जाने पर भी जोर दिया गया।
कार्यक्रम में निगम आयुक्त अनिल भाना ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था में फील्ड स्तर पर कार्यरत अधिकारियों एवं पर्यवेक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका बताते हुए प्रभावी वेस्ट कलेक्शन, 100 प्रतिशत सोर्स सेग्रीगेशन एवं नागरिक सहभागिता को और मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों के साथ संवादात्मक सत्र भी आयोजित किए गए, जिसमें फील्ड में आने वाली व्यावहारिक चुनौतियों, नागरिकों से संवाद, व्यवहार परिवर्तन तथा कार्य की नियमित मॉनिटरिंग से संबंधित विषयों पर चर्चा कर समाधान साझा किए गए। कार्यक्रम के समापन पर प्रतिभागियों ने अपने-अपने जोन एवं कार्यक्षेत्रों में बेहतर वेस्ट कलेक्शन, शत-प्रतिशत सोर्स सेग्रीगेशन एवं नागरिकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी कार्ययोजना के साथ कार्य करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।