चेतना मनोरंजन-व्यंजन मेले में सांसद सुधीर गुप्ता ने की चेतन काश्यप फाउंडेशन के सेवा कार्यों की सराहना, विधायक दिनेश बोस ने बताया भारतीय संस्कृति की पहचान


जावरा (अभय सुराणा) । चेतन काश्यप फाउंडेशन निरंतर समाज सेवा और मानव सेवा के प्रकल्पों के माध्यम से ‘नर सेवा ही नारायण सेवा’ के ध्येय को सार्थक कर रहा है। मध्यप्रदेश शासन के कैबिनेट मंत्री चेतन काश्यप ने सेवा का मार्ग अपनाते हुए गरीब कल्याण के लिए अनेक उल्लेखनीय कार्य किए हैं। यह विचार क्षेत्रीय सांसद सुधीर गुप्ता ने श्री नवदुर्गा उत्सव समिति कोठीबाजार द्वारा आयोजित चेतना मनोरंजन-व्यंजन मेले में मुख्य अतिथि के रूप में व्यक्त किए।
कार्यक्रम की अध्यक्षता महिदपुर विधायक दिनेश बोस ने की। उन्होंने कहा कि मेले भारतीय संस्कृति की पहचान हैं, जहां सभी वर्गों के लोग एक साथ मिलकर मनोरंजन और व्यंजनों का आनंद लेते हैं। चेतन काश्यप फाउंडेशन की प्रेरणा से नवरात्रि महोत्सव के अंतर्गत आयोजित चेतना मनोरंजन मेला एक अनूठा और अद्भुत आयोजन है। इसकी जितनी प्रशंसा की जाए, उतनी कम है।
21 वर्षों से नवरात्रि में हो रहा आयोजन
स्वागत भाषण में श्री नवदुर्गा उत्सव समिति कोठीबाजार के संरक्षक अनिल दसेड़ा ने सांसद सुधीर गुप्ता एवं विधायक दिनेश बोस का नवदुर्गा महोत्सव में सहभागिता करने पर स्वागत-सम्मान किया। उन्होंने बताया कि चेतना मनोरंजन-व्यंजन मेले का आयोजन पिछले 21 वर्षों से नवरात्रि महोत्सव के दौरान किया जा रहा है। इस वर्ष का मेला चेतन काश्यप फाउंडेशन की प्रेरणास्रोत मातुश्री सुश्राविका रत्न तेजकुंवर देवी काश्यप को समर्पित किया गया है। नवरात्रि की एकम के दिन उनके निधन से परिवार और समाज को गहरा आघात पहुंचा है।
कठिन परिस्थितियों में भी संस्कार और सेवा का मार्ग नहीं छोड़ा
अनिल दसेड़ा ने मातुश्री तेजकुंवर देवी काश्यप के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उन्होंने अत्यंत कठिन परिस्थितियों में परिवार का दायित्व निभाने के साथ समाज सेवा को भी अपने जीवन का उद्देश्य बनाया। उनका विवाह 15 वर्ष की आयु में श्री अशोक काश्यप के साथ हुआ था। जीवन आगे बढ़ रहा था, तभी मात्र 21 वर्ष की आयु में उनके पति का गंभीर बीमारी के कारण निधन हो गया। उस समय उनके पुत्र चेतन काश्यप की उम्र केवल पांच वर्ष और पुत्री की उम्र दो वर्ष थी।
इतनी कम उम्र में पति को खोने के बाद बच्चों की परवरिश, परिवार की जिम्मेदारियों और सामाजिक दायित्वों का निर्वहन करना उनके लिए बड़ी चुनौती थी। इसके बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। बच्चों को संस्कारित किया, परिवार को सामाजिक प्रतिष्ठा दिलाई और विभिन्न सामाजिक मंडलों के माध्यम से सेवा कार्यों में सक्रिय रहीं। वे स्वयं समाज सेवा करती थीं और अन्य महिलाओं को भी सेवा कार्यों के लिए प्रेरित करती थीं।
मातुश्री के संस्कारों से आगे बढ़ रहे सेवा प्रकल्प
अनिल दसेड़ा ने कहा कि मातुश्री द्वारा परिवार को दिए गए सेवा, समर्पण और संस्कारों का प्रभाव आज चेतन काश्यप के कार्यों में स्पष्ट दिखाई देता है। मध्यप्रदेश शासन में कैबिनेट मंत्री होने के साथ वे त्रिस्तुतिक श्री संघ के राष्ट्रीय परामर्शदाता तथा अनेक राष्ट्रीय और प्रदेश स्तरीय संस्थाओं से जुड़े हुए हैं। उन्होंने अपना जीवन राष्ट्र सेवा, मानव सेवा और समाज कल्याण के कार्यों को समर्पित किया है। मातुश्री से मिली प्रेरणा को आगे बढ़ाते हुए चेतन काश्यप ने विभिन्न सेवा प्रकल्पों के माध्यम से जरूरतमंदों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास किया है।
अहिंसा ग्राम से 100 परिवारों को मिला आत्मनिर्भरता का आधार
चेतन काश्यप द्वारा स्थापित अहिंसा ग्राम के माध्यम से 100 परिवारों के पुनर्वास, स्वावलंबन और संस्कारों पर आधारित जीवन निर्माण की दिशा में कार्य किया गया। इसका उद्देश्य परिवारों को आत्मनिर्भर बनाकर सम्मानजनक जीवन जीने के लिए सक्षम बनाना है।
कुपोषण के विरुद्ध अभियान में योगदान
रतलाम में कुपोषित बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण के लिए चेतन काश्यप फाउंडेशन ने शासन के साथ मिलकर कार्य किया। अनिल दसेड़ा के अनुसार, इस पहल के अंतर्गत बच्चों को एक समय का भोजन शासन की ओर से और दूसरे समय का भोजन फाउंडेशन की ओर से उपलब्ध कराया जाता था। उन्होंने बताया कि रतलाम में कुपोषित बच्चों की संख्या पहले 1,690 थी, जो घटकर लगभग 500 रह गई। यह प्रयास बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य और पोषण की दिशा में महत्वपूर्ण बताया गया।
खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन और कॉलोनियों के विकास की पहल
खिलाड़ियों की प्रतिभा को आगे लाने के लिए मालवा क्षेत्र के विभिन्न शहरों में चेतना खेल मेले आयोजित किए गए। इसके साथ ही रतलाम में अवैध कॉलोनियों को वैध करने और वहां विकास कार्यों को गति देने की पहल का भी उल्लेख किया गया। अनिल दसेड़ा ने कहा कि इन प्रयासों के माध्यम से नागरिक सुविधाओं के विस्तार और शहर के विकास को नई दिशा मिली।
राजनीति को सेवा का माध्यम बनाया
अनिल दसेड़ा ने कहा कि चेतन काश्यप ने राजनीति को जनसेवा का माध्यम मानते हुए एक अलग उदाहरण प्रस्तुत किया है। उन्होंने विधायक के रूप में मिलने वाले मासिक वेतन और अन्य सुविधाओं का लाभ नहीं लेने का निर्णय लेकर अपनी कार्यशैली से अलग पहचान बनाई। उनके अनुसार, मातुश्री तेजकुंवर देवी काश्यप द्वारा दिए गए संस्कार ही सेवा और गरीब कल्याण के इन कार्यों की प्रेरणा हैं।
पदाधिकारियों ने किया अतिथियों का स्वागत
कार्यक्रम में संस्था संरक्षक अनिल दसेड़ा एवं विनोद मेहता, अध्यक्ष पुष्पक चौरसिया, सचिव संदीप दसेड़ा, कोषाध्यक्ष प्रियंक धाड़ीवाल, मेला संयोजक सुरेश सोलंकी, नागिन सकलेचा, पूर्व अध्यक्ष पंकज पोरवाल एवं संजय मेहता आलोक मोदी महेश मनसुखानी, आरती संयोजक गोपाल पोरवाल, श्रेणिक धाड़ीवाल, गोपाल सिंघल पियूष प्रकाश काठेड पियूष दसेड़ा सुधीर मेहता मनीष मेहता सुधीर मेहता सौरभ मेहता अर्णव दसेड़ा जेनिल धाड़ीवाल खुश चौरसिया सहित समिति के पदाधिकारियों ने अतिथियों का स्वागत-सम्मान किया।
कार्यक्रम के अंत में सांसद सुधीर गुप्ता, विधायक दिनेश बोस, समिति के पदाधिकारियों और सदस्यों ने मातुश्री तेजकुंवर देवी काश्यप के चित्र पर गुलाब के फूल अर्पित कर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी। सेवा, त्याग और संस्कारों को समर्पित मातुश्री के जीवन को स्मरण करते हुए उनके आदर्शों पर चलने का भाव व्यक्त किया गया। कार्यक्रम का सफल संचालन संजय मेहता ने किया ।