

रतलाम। शरद पूर्णिमा पर श्री माहेश्वरी समाज, रतलाम एवं श्री रामबाग हनुमान मंदिर समिति के संयुक्त तत्वावधान में श्री रामबाग परिसर में रंगीलो रास 2.0 का भव्य आयोजन उत्साह, उमंग एवं उल्लास के साथ संपन्न हुआ। रंग-बिरंगे पारंपरिक परिधानों, गरबा-डांडिया की मनमोहक प्रस्तुतियों और संगीत की मधुर धुनों से पूरा परिसर उत्सवमय हो उठा।
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा विधिवत शस्त्र पूजन के साथ किया गया। इस अवसर पर भारतीय संस्कृति, परंपरा एवं शौर्य के प्रतीक शस्त्रों का पूजन कर मंगलमय आयोजन की कामना की गई।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भाजपा जिला अध्यक्ष श्री प्रदीप जी उपाध्याय रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता समाज अध्यक्ष डॉ. बी.एल. तापड़िया जी ने की। विशेष अतिथि के रूप में पार्षद श्रीमती निशा जी सोमानी एवं श्रीमती स्मिता जी माहेश्वरी उपस्थित रहीं। समाज संरक्षक श्री माधव जी काकानी एवं श्री शैलेंद्र जी डागा तथा सचिव श्री सुनील जी लाठी की उपस्थिति एवं मार्गदर्शन ने आयोजन को गरिमा प्रदान की।
समाज के बच्चों, युवाओं, महिलाओं एवं वरिष्ठजनों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर आयोजन को यादगार बनाया। पारंपरिक वेशभूषा, गरबा एवं डांडिया की मनमोहक प्रस्तुतियों ने सभी का मन मोह लिया। प्रतियोगिता विभिन्न श्रेणियों में आयोजित की गई, जिसमें किड्स, जूनियर, यूथ, सीनियर एवं कपल वर्ग के प्रतिभागियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। बेस्ट ड्रेसअप एवं बेस्ट परफॉर्मेंस श्रेणियों के माध्यम से प्रतिभागियों को प्रोत्साहित किया गया। प्रतियोगिता के निर्णायक के रूप में संगीत महाविद्यालय की प्राचार्य श्रीमती तोशी जी शर्मा एवं श्रीमती अनुपमा जी पटेल ने प्रतिभागियों का मूल्यांकन किया।
रंगीलो रास 2.0 का उद्देश्य समाज की सांस्कृतिक परंपराओं को सहेजना, नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति से जोड़ना तथा समाजजनों के बीच आपसी सद्भाव एवं एकता को मजबूत करना रहा। समाजजनों की उत्साहपूर्ण सहभागिता और सुव्यवस्थित व्यवस्थाओं ने कार्यक्रम को यादगार बना दिया।
आयोजन को सफल बनाने में आयोजन समिति के सदस्य आदित्य डागा, गुंजन बाहेती, अभिषेक धूत, पवन गिलडा एवं जितेंद्र चेचानी का महत्वपूर्ण योगदान रहा। समिति ने सभी अतिथियों, निर्णायकगण, प्रतिभागियों, सहयोगियों एवं समाजजनों के प्रति आभार व्यक्त किया तथा आयोजन में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग देने वाले सभी कार्यकर्ताओं की सराहना की।
समिति ने विश्वास व्यक्त किया कि समाज की एकता, संस्कृति एवं परंपराओं को समर्पित यह आयोजन आगामी वर्षों में और भी भव्य स्वरूप प्राप्त करेगा तथा रंगीलो रास 3.0 नई ऊर्जा एवं उत्साह के साथ आयोजित किया जाएगा।