टीही–धार नव विद्युतीकृत रेलखंड पर 02 नवंबर को होगा इलेक्ट्रिक इंजन का स्पीड ट्रायल

विभिन्न चरणों में 30 से 130 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से किया जाएगा परीक्षण
रेलवे ट्रैक से दूर रहने एवं अपने मवेशियों को रेल लाइन के आसपास नहीं जाने देने की आमजन से अपील

रतलाम, 01 नवंबर। पश्चिम रेलवे के रतलाम मंडल में इंदौर–दाहोद नई रेल लाइन परियोजना के अंतर्गत टीही से धार के बीच नवनिर्मित रेलखंड पर विद्युतीकरण का कार्य पूर्ण होने के बाद रविवार, 01 नवंबर 2026 की शाम को 25 हजार वोल्ट (25 KV) एसी विद्युत ओवरहेड लाइन को चार्ज किया जाना प्रस्तावित है। इसके पश्चात सोमवार, 02 नवंबर 2026 को इस रेलखंड पर इलेक्ट्रिक इंजन के माध्यम से स्पीड ट्रायल किया जाएगा।
पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल के जनसंपर्क अधिकारी श्री मुकेश कुमार द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, सीआरएस निरीक्षण से पूर्व निर्माण विभाग द्वारा नवीन विद्युतीकृत रेलवे लाइन पर स्पीड ट्रायल की शुरुआत 02 नवंबर को प्रातः 08:30 बजे टीही स्टेशन से होगी। इस दौरान टीही से धार तथा धार से टीही के बीच अलग-अलग चरणों में इलेक्ट्रिक इंजन को विभिन्न गतियों से चलाकर परीक्षण किया जाएगा। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार पहले टीही से धार के बीच 30 किलोमीटर प्रति घंटे तथा धार से टीही के बीच 75 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से परीक्षण होगा। इसके बाद टीही से धार के बीच 110 किलोमीटर प्रति घंटे और धार से टीही के बीच अधिकतम 130 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से स्पीड ट्रायल किया जाएगा।

रेलवे द्वारा आमजन से विशेष सावधानी बरतने की अपील

रेलवे प्रशासन, टीही–धार रेलखंड के आसपास रहने वाले ग्रामीणों, किसानों एवं आम नागरिकों से अपील की है कि स्पीड ट्रायल के दौरान रेलवे ट्रैक से पूरी तरह दूर रहें। रेलवे लाइन पर पैदल चलने, बैठने, फोटो या वीडियो बनाने अथवा किसी भी अन्य कारण से ट्रैक के पास जाने का प्रयास न करें। अपने मवेशियों को भी रेलवे लाइन और उसके आसपास न जाने दें। रेल पटरियों पर मवेशियों की आवाजाही से दुर्घटना की आशंका बनी रहती है, जिससे जान-माल का नुकसान हो सकता है।
रेलवे प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ट्रेन को दूर से आता देखकर उसकी गति का सही अनुमान लगाना संभव नहीं है। कई बार ट्रेन जितनी धीमी गति से आती हुई दिखाई देती है, वास्तविकता में उससे कहीं अधिक तेज गति से चल रही होती है। विशेष रूप से इलेक्ट्रिक इंजन का संचालन अत्यधिक गति से हो सकता है। इसलिए ट्रेन को देखकर यह अनुमान लगाना कि ट्रैक पार करने या उसके पास से निकलने के लिए पर्याप्त समय है, गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकता है।

25 हजार वोल्ट की विद्युत लाइन से भी रहें सतर्क
टीही से धार के बीच विद्युतीकरण कार्य पूर्ण होने के बाद ओवरहेड इलेक्ट्रिक लाइन में 25 हजार वोल्ट की उच्च विद्युत धारा प्रवाहित की जाएगी। यह विद्युत लाइन अत्यंत खतरनाक है। इसके संपर्क में आने से जानलेवा दुर्घटना हो सकती है। रेलवे प्रशासन की अपील है कि विद्युत तारों, खंभों एवं अन्य विद्युत उपकरणों से दूर रहें। रेलवे ट्रैक के आसपास किसी भी प्रकार की वस्तु, डंडा, पाइप या तार लेकर न जाएं और न ही ओवरहेड विद्युत लाइन के संपर्क में आने का प्रयास करें।
रेलवे प्रशासन ने सभी ग्रामीणों, किसानों, पशुपालकों एवं आम नागरिकों से अपील की है कि इस महत्वपूर्ण रेल परियोजना के परीक्षण के दौरान रेलवे के सुरक्षा नियमों का पालन करें तथा स्वयं सुरक्षित रहें और दूसरों को भी सुरक्षित रखें। रेलवे की संपत्ति एवं रेल संचालन की सुरक्षा के साथ-साथ आमजन की जान की सुरक्षा सुनिश्चित करने में रेलवे प्रशासन का सहयोग करें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *