जावरा (अभय सुराणा) । शासन के सजग प्रहरी राष्ट्र संत गच्छाधीपति श्रीमद् विजय आचार्य देव श्री ऋषभचंद्र सुरीश्वर जी देवलोक गमन के समाचार सुनकर विश्वास नहीं हुआ उज्जैन साथ में चातुर्मास करने का सौभाग्य मिला । विनय विवेक को शालीनता से ओतप्रोत मानवता के मसीहा अहिंसा के सजग प्रहरी करुणा और दया से ओतप्रोत मानव मात्र में शासन की प्रभावना की प्रेम और वात्सल्य के पुजारी थे पंथ और संप्रदाय से ऊपर उठकर जिनशासन के सभी गुरु भगवंत की सेवा में अंत:करण से समर्पित थे जब मैं मोहनखेड़ा गया कहा कमल मुनि जी आना आपके हाथ में है भेजना मेरे हाथ में है उन्होंने बड़े प्यार से 15 दिन वहां से नहीं निकलने दिया ज्वलंत समस्याओं पर प्रतिदिन चर्चाएं होती थी आगम ज्ञान के साथ व्यवहारिक ज्ञान भी उनके जीवन में जुड़ा हुआ था संकट में संकट मोचन थे उनका हमारे बीच से अचानक चले जाना हमें मझधार में छोडऩे के समान है । धर्म को उपासना पद्धति के साथ-साथ धर्मी साधु साध्वी जीव दया मानव मात्र की सेवा के साथ जोड़ा गया । आपकी शासन-प्रशासन पर गजब की पकड़ थी ज्योतिष क्षेत्र में आपका कोई मुकाबला नहीं था इस कोहिनूर हीरे की पूर्ति होना निकट भविष्य में असंभव सा लगता है मानो हम अनाथ से हो गए क्रूर काल के सामने किसी का जोर नहीं चलता स्वर्गीय आत्मा को शांति मिले भक्तों को वियोग सहने की शक्ति मिले अखिल भारतीय जैन दिवाकर विचार मंच नई दिल्ली 18 राज्यों के कार्यकर्ताओं ने श्रद्धांजलि सभा रखने का निर्णय लिया राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश ने श्रीमद् विजय आचार्य देव राजेंद्रसुरीश्वर जी के संघ को दुख को सहने की क्षमता प्रदान करें ऐसी विचार प्रभु के चरणों में मंगल प्रार्थना की 4 जून को शंखेश्वर पाश्र्वनाथ स्थल पर राष्ट्रसंत कमलमुनि कमलेश, घनश्याम मुनि, गौतम मुनि, अरिहंत मुनि, कौशल मुनि, अक्षत मुनि एवं मूर्तिपूजक साधु साध्वी द्वारा भी श्रद्धांजलि स्वरूप गुणानुवाद सभा का आयोजन किया जाएगा।