रतलाम। जिलेमें पुलिस के कार्यो की समीक्षा कर सुधार करने हेतु आज दिनांक 13-12-2021 को पुलिस अधीक्षक कायालर्य में क्राइम मीटिंग का आयोजन किया गया ।
मीटिंग में पुलिस उप महानिरीक्षक श्री सुशान्त सक्सेना (भा.पु.से.), जिला पुलिस अधीक्षक रतलाम श्री गौरव तिवारी, अति. पुलिस अधीक्षक (शहर) डॉ. श्री इंद्रजीत बाकलवार एवं जिला रतलाम के समस्त उप पुलिस अधीक्षक, थाना प्रभारी, चौकी प्रभारी उपस्थित रहे।
मीटिंग की शुरुआत में पुलिस उप महानिरीक्षक महोदय द्वारा उपस्थित समस्त अधिकारीगणो को कोविड से बचाव करने मास्क का उपयोग व अन्य आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए । इसके अतिरिक्त जनता से कोरोनाकाल में नियमों का पालन कराने में अच्छा व सोमया व्यवहार का प्रदर्शन करने की समझाईश दी गई। इसी के साथ-साथ सांप्रदार्यिक सौहाद्र बिगाडऩे वाले तत्वों पर विशेष निगरानी रखने की हिदायत दी गई।
चाईनीस मंजे की बिक्री करने वाले पर कठोर कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए । साथ ही शासन की मंशा अनुसार सूदखोरों व माफियाओं के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही किए जाने के निर्देश दिए गए। पुलिस अधीक्षक महोदय द्वारा क्राइम मीटिंग में निर्देश देकर जिले में अवैध रेत उत्खनन के विरुद्ध कार्यवाही की जाकर पूर्णत: प्रतिबंधित करने हेतु निर्देश दिए।
सीएम हेल्पलाइन व अन्य माध्यमो से प्राप्त शिकायतों का संतुष्ठि पूर्ण निराकरण किए जाकर शिकायतों को समस्त कानूनी पहलुओ से अवगत कराए जाने केसंबंध में निर्देश दिए गए । पुलिस आधुनिकीकरण अन्तर्गत उपलब्ध सीसीटीएनएस साफ्र्टवेयर में न्यायालय निपटान फार्म व चालान की पीटीएफ फ़ाइल को अपलोड किए जाने हेतु निर्देश दिए गए ताकि न्यायालयीन प्रक्रिया में अधिक सुविधा उपलब्ध होकर जनता को त्वरित न्याय मिल सकें ।
इसी प्रकार आईआरएडी सॉफ्टवेर्यर में सड़क दुर्घटना को सम्र्पूण जानकारी को अनिवार्य रूप से भरे जाने हेतु निर्देशित किया गया जिससे सड़क दुर्घटनाओं को डाटाबेस तैयार हो सके जिसका उपयोग कर सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सकें ।
न्यायालय द्वारा जारी समन व वारंटो की अधिक से अधिक तामीली कर समयपर न्यायालय में जमा किए जाने के निर्देश दिए गए । साथ ही चालान में आधार कार्ड व मोबाईल नंबर का अनिवार्य रूप से इंद्राज किए जाने सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
थाने के रजिस्टर्ड समस्त गुंडा बदमाश व अपराधो में समस्त आरोपियों के फिंगर प्रिंट अनिवार्य रूप से रेकार्ड किया जाकर फिंगर प्रिंट शाखा में जमा करने हेतु निर्देश दिए गए ताकी भविष्य में इंका डाटाबेस तैयार किए जाकर प्रभावी निगरानी रखी जा सकें ।
मान. उच्च न्यायालय मध्यप्रदेश के निर्देश अनुसार समस्त प्रकरणो में आरोपी के अपराधिक रिकार्ड की अधतन स्थिति का उल्लेख अनिवार्य तौर पर किए जावें । दिनांक 05/01/22 से 28/02/22 तक चलने वाले थानो में लिप्त व वाहनो के निराकरण के अभियान में प्रभावी कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए एवं इस अभियान हेतु समस्त सीएसपी व एसडीओपी को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया ।
संपत्ति संबंधी अपराधो में प्रभावी कमी लाने हेतु जनता को प्रेरित कर अधिक से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने हेतु प्रयास किए जाने, संपत्ति संबंधी अपराधो में वारंटों की अनिवार्य तमीली, पुराने अपराधियों पर सतत निगरानी रखे जाने व 1 वर्ष से अधिक अपराधों के शीघ्र निरकरण करने हेतु निर्देशित किया गया ।
इस माह से पुलिस अधीक्षक द्वारा जिले के सभी थानो के पूर्व सूचना पर निरीक्षण किए जावेगा व जिले के समस्त थानो का निरीक्षण कर जिले में थानो की रैकिंग में निम्न लिखित मापदंडो से आकंलन किया जावेगा :-
- पुलिस थाने की पारदर्शी कार्यप्रणाली।
- पुलिस स्टाफ का अनुशासन ।
- पुलिस स्टाफ का गणावेश ।
- आम जनता से पुलिस के मधुर संबंध।
- थाने में उपलब्ध संसाधनों का बेहतरीन उपयोग व रखरखाव।
- सीसीटीएनएस डाटा को प्रतिदिन अपडेट किया जाना ।
- थाना भवन के रखरखाव ।
- आम जनता का थाने मे ंआगमन पर उनके बैठने एवं पेयजल की व्यवस्था, शौचालय व्यवस्था, पार्किंग व्यवस्था व प्रशासनिक व्यवस्था ।
- शिकायतों का शीघ्रता से निराकरण, थाने के रिकॉर्ड का मैंटेन करना, वरिष्ठ अधिकारियों एक निर्देश का पालन करना ।
- महिलाओं पर घटित अपराधों का त्वरित निराकरण करने व सबसे महत्वपूर्ण जनता की शिकायतों का संतुष्टिपूर्वक निराकरण करना ।
नेशनल लोक अदालत के नोटिस की अधिक से अधिक तामीली कराए जाने हेतु निर्देश दिए गए। नए वर्ष से जिला रतलाम में पुलिस बल को अपडेट करने हेतु नई नीति बनाई जाकर प्रति माह कम से कम 2 प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जा रहे है, जिनमे महिला संबंधी अपराध विवेचना, साइबर अपराध विवेचन, साइबर जागरूकता व फोरेंसिक विज्ञान का प्रशिक्षण दिया जावेगा । इस प्रकार अब तक लगभग 60 पुलिस अधिकारियों को प्रशिक्षित किए गए है। जिन आरोपीओ के 3 से अधिक म मानव शरीर के विरुद्ध अपराध है उनकी गुंडा फाईल तैयार करने व जिनके ही आदतम अपराधियों पर त्वरित कार्यवाही करें। जनता से संवाद स्थापित करने हेतु थाना क्षेत्र में जनसंवाद का आयोजन करने व नगर व ग्राम रक्षा समिति का पुनर्गठन करने के निर्देश दिए गए।
इसके अतिरिक्त लांमबत अपराधों की समीक्षा की गई, अधिक से अधिक पेडिंग अपराध, चालान मर्ग के निराकरण संबंधी निर्देश दिए एवं जिन हेड में अपराधों में वृद्धि हुई है उनकी समीक्षा की गई एवं अपराध नियंत्रण हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। लघु अधिनियम एवं प्रतिबंधात्मक कार्र्यवाही के तहत जिन शीर्ष में तुलनात्मक रूप से कम कार्यवाही हुई है, उसकी समीक्षा की गई एवं प्रभावी कार्यवाही किए जाने हेतु निर्देशित किए गए ।
जिन विवेचको के अपराधों में आरोपीओ द्वारा अग्रिम जमानत का लाभ प्राप्त किया गया है उन प्रकरणो में विवेचनाकर्ता अधिकारी द्वारा लापरवाही मानते हुए कुल 26 विवेचनकर्ता अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए।