स्मार्ट पुलिसिंग के तहत जनता की शिकायतो का त्वरित निराकण हेतु जिला मुख्यालय पर पुलिस अधीक्षक कार्यालय में ग्रीवांस रेड्रेसल सेल का गठन किया गया

रतलाम। जनता की शिकायतों का थाना स्तर पर ही त्वरित व संतुष्ठीपूर्ण निराकरण हेतु आज दिनांक 27/01/22 को श्रीमान पुलिस अधीक्षक महोदय श्री गौरव तिवारी (भा0पु0से0) द्वारा जिले के समस्त राजपत्रित अधिकारी व थाना प्रभारीयो को निर्देश देकर नवीन व्यवस्था की स्थापना की गई है, जिससे आम जन की शिकायतों का थाना स्तर पर ही शीघ्र निराकरण किया जावेगा ।
इस व्यवस्था में थानो पर आने वाले शिकायतकर्ता के बैठने की उचित व्यवस्था के साथ – साथ थाना स्तर पर एक प्रथक आगंतुक रजिस्टर का संधारण किया जावेगा व थाना प्रभारी प्रतिदिन अधिक से आधीक समय का सदुपयोग कर स्वयं इन शिकायतों को सुनेंगे व थाना प्रभारी की गैर मौजूदगी में प्रतिदिन थाने पर इस कार्य हेतु एक अधिकारी न्युक्त किया जावेगा जो शिकायतकर्ता की शिकायत को सुनेगा व रजिस्टर में जरूरी जानकारी इंद्राज कर तत्काल वैधानिक कार्यवाही किया जाना सुनिश्चित करेगा । उक्त अधिकारी कार्य के दौरान थाने के CCTV कैमरा की निगरानी में कार्य करेगा जिसका सम्पूर्ण ब्योरा सुरक्शित रखा जावेगा । यदि शिकायत संज्ञेय प्रकृती की हो तो तत्काल प्रथम सूचना दर्ज कर कार्यवाही की जावेग और यदि शिकायत असंज्ञेय प्रकृती की हो तो वैधानिक प्रतिबंधमक कार्यवाही, मौका मुआइना, शिकायतकर्ता को जरुरी समझाईश दिया जाना आदि कार्यवाही की जाना सुनिश्चित करने के निर्देश दिये गए है।
इन शिकायतों की मोनिटरींग हेतु जिला स्तर पर एक ग्रेवीएंस रेड्रेसल सेल का गठन किया गया है जो प्रतिदिन शिकायतों के निराकरण व पेंडिंसी आदि कार्यो की समीक्षा करेगा । कर शिकायतकर्ता को व्यक्तिगत रूप से संपर्क कर उनकी समस्या का संतुष्टिपूर्वक निराकरण हुआ अथवा नहीं, पुलिस द्वारा की गई कार्यवाही से अवगत कराया गया अथवा नहीं इस बाद का फीडबैक प्राप्त की जावेगा, यदि आपेक्षित वैधानिक कार्यवाही नहीं की जाती है तो संबन्धित को दंडित किए जाने की कार्यवाही की जावेगी ।
इस व्यवस्था के अंतर्गत आज दिनांक से जिला रतलाम के थाना स्टेशन रोड, माणकचौक, दीनदयाल नगर, औधोगिक क्षेत्र रतलाम एवं थाना बिलपांक में ट्रायल के रूप में प्रारम्भ किया गया है, जिसे भविष्य में सम्पूर्ण जिले में लागू किया जावेगा ।
इस हेतु प्रत्येक सप्ताह जिला मुख्यालय स्तर पर प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जा रहे है, जिनमे प्रतिबंधक कार्यवाही की बारीकियों से पुलिस को अवगत करना, महिला संबंधी अपराध विवेचना, साइबर अपराध विवेचन, साइबर जागरूकता व फोरेंसिक विज्ञान का प्रक्षीक्षण दिया जा रहा है ।
थाना स्तर पर शिकायतों का उचित निराकरण नहीं होने से आम जनता को CM हेल्प लाइन, जन सुनवाई, व वरिष्ठ अधिकरियों को शिकायत करने की आवश्यकता पड़ती है । अतः उक्त व्यवस्था का मुख्य उदेश्य स्मार्ट पुलिसींग कर जनता की शिकायतों का प्रथम विजिट में ही संतुष्टिपूर्वक निराकारण किया जाना है, ताकि जनता को थाने के बार बार चक्कर न लगाने पड़े व थाने के अरतिरिक्त अन्य माध्यमों की आवश्यकता न महसूस हो । जिससे CM हेल्प लाइन, जनसुनवाई आदि शिकायतों में कमी आए एवं जनता में संतुष्टि के प्रतिशत में इजाफा हो सके ।

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