राजस्थान से लौटे अडवानिया के श्रमिकों को अपने गांव में मनरेगा में रोजगार मिला

रतलाम । रतलाम जिला प्रशासन द्वारा मनरेगा योजना के तहत कार्य आरंभ करके श्रमिकों को रोजगार के अवसर मुहैया कराए जा रहे हैं ताकि लॉकडाउन में अन्य राज्यों स्थानों में फंसे श्रमिकों के अपने गृह जिले में लौटने पर उन्हें तत्काल रोजगार मिल सके। जिले की सैलाना जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत अडवानिया में भी मनरेगा के तहत काम खोल कर राजस्थान तथा नीमच जिले से लौटकर आए श्रमिकों को रोजगार मुहैया कराया गया है।
अडवानिया में मनरेगा योजना के तहत खेत तालाब के दो काम आरंभ किए गए हैं जिनमें कुल 67 श्रमिक कार्य कर रहे हैं। सीईओ श्री बलवंतसिंह नलवाया ने बताया कि अडवानिया में कंटूर ट्रेंच निर्माण भी आरंभ किया गया है। कंटूर ट्रेंच पर 40 श्रमिक कार्य कर रहे हैं। अन्य स्थानों से लौटकर आए गांव के श्रमिक परिवारों को मनरेगा कामों से अपने गांव में ही रोजगार मिल गया है, उन्हें प्रतिदिन प्रति श्रमिक के मान से 190 रूपए मजदूरी राशि दी जाती है। अपने गांव में ही काम मिलने से मजदूर खुश है। विगत 20 अप्रैल से मनरेगा में काम आरंभ कर दिए गए थे लगभग उन्हीं दिनों यह मजदूर राजस्थान तथा अन्य स्थानों से लौटे हैं उन्हें आते से ही रोजगार कार्य मिल गया।
सार्वजनिक खेत तालाब पर अंबाराम, सुभाष, मणिबाई, लीलारामसिंह, संगीता, मांगीलाल, रामीबाई, वरदू, कैलाश, नाथू, अंगूरी, कैलाश, हीराबाई, गोवर्धन इत्यादि श्रमिक काम कर रहे हैं। कंटूर ट्रेंच निर्माण में कमजी, रामा, रुचि, नंदू, बाबूलाल, नंदू, ईश्वर, जीवना, नाथीबाई इत्यादि श्रमिक कार्यरत हैं, सभी श्रमिक रोजगार मिलने से खुश होकर मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान को धन्यवाद देते हैं कि राज्य शासन ने उनकी रोजी-रोटी का ध्यान रखा है। मनरेगा में काम करने से उनको मजदूरी राशि मिल रही है, इससे घर गृहस्थी चलाने में परेशानी नहीं आ रही है। इसके साथ ही मनरेगा कार्यों के दौरान कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए सोशल डिस्टेंसिंग तथा अन्य सावधानियों का भी पूरा ध्यान रखा जा रहा है।

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