रतलाम । न्यायालय (श्रीमती उषा तिवारी) विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट जावरा जिला रतलाम द्वारा अपने निर्णय दिनांक 24.08.2022 को अभियुक्त पुनमचंद पिता मोहनलाल कतिजा, उम्र 48 वर्ष जिला रतलाम म.प्र. को धारा 376(2);द्धि भादवि में 20 वर्ष सश्रम कारावास व 5000/-अर्थदण्ड से दण्डित किया गया।
अतिरिक्त जिला लोक अभियोजन अधिकारी श्री विजय पारस विशेष लोक अभियोजक पॉक्सो एक्ट जावरा जिला रतलाम ने बताया कि दिनांक 15.02.2019 को अवयस्क पीडिता ने अपनी मॉ व रिश्तेदारो के साथ थाना पिपलौदा पर उपस्थित होकर घटना बताई कि वह अपने माता पिता के साथ खेत पर बनी टापरी पर रहती है। कल रात्रि खाना खाने के बाद उसके मम्मी पापा पीछे वाले कमरे मंे ओर वह व उसकी छोटी बहन आगे वाले कमरे में नीचे फर्श पर अलग-अलग दरी बिछाकर सो रही थी। तभी लगभग साढ़े ग्यारह बजे रात्री उसके पिताजी पिछे वाले कमरे से उठकर आए ओर उसका मुह दबाकर जबरदस्ती उसके साथ दुष्कर्म किया। इस दौरान पीडिता के चिल्लाने पर उसकी छोटी बहन की नींद खुल गई एवं उसकी मां भी उठकर आ गयी। तब उसका पिता मौके से भाग गया। पीडिता ने पूरी घटना अपनी मॉ को बतायी। पीडिता द्वारा बताई गई उक्त घटना पर थाना पिपलौदा पर पीडिता के पिता के विरुद्ध अपराध धारा 376, 506 भादवि एवं 5एन/6 पॉक्सो एक्ट प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। विवेचना के दौरान पीडिता के कथन लिए जाकर, उसका मेडिकल परीक्षण कराया गया तथा दिनांक 15/02/2019 को आरोपी पुनमचंद को गिरफ्तार कर उसका भी मेडिकल करवाया गया तथा पीड़िता के उम्र सम्बंधी दस्तावेज प्राप्त किए जाकर आवश्यक अनुसंधान उपरांत अभियोग पत्र माननीय विशेष न्यायालय में दिनांक 29.03.2019 को प्रस्तुत किया गया।
माननीय विशेष न्यायालय में अभियोजन की ओर से कुल 16 साक्षियों में से अपने समर्थन में 11 साक्षियो को परीक्षित कराया गया एवं घटना को प्रमाणित करने हेतु मौखिक, दस्तावेजी एवं वैज्ञानिक साक्ष्य तथा लिखित बहस प्रस्तुत कर आरोपी को आरोपित धाराओ में उल्लेखित अधिकतम दंड से दंडित किये जाने के तर्क प्रस्तुत किये गये।
माननीय विशेष न्यायालय द्वारा विचारण उपरांत अपने निर्णय दिनांक 24.08.2022 को अभियोजन द्वारा प्रस्तुत साक्ष्य को प्रमाणित मानते हुये अभियुक्त पुनमचंद पिता मोहनलाल कतिजा को दोषसिद्ध किया गया। प्रकरण की सफल पैरवी विशेष लोक अभियोजक श्री विजय पारस जावरा जिला रतलाम द्वारा की गयी।