सुपारी लेकर हत्या करने वाले आरोपी को आजीवन कारावास एवं 5000 रुपये का अर्थदण्ड

जावरा । न्यायालय ( श्रीमान रविप्रकाश जैन) द्वितीय अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश जावरा जिला रतलाम द्वारा अपने निर्णय दिनांक 25.08.2022 को अभियुक्त रामलाल उर्फ राजेश पिता मोतीलाल पंवार, उम्र 35 वर्ष निवासी नागपुरा, जिला उज्जैन म.प्र. को धारा 302 भादवि में आजीवन कारावास व 5000/-रुपये अर्थदण्ड से दण्डित किया गया एवं अभियुक्त मिट्ठू उर्फ अमानत खां पिता शफी खां उम्र 51 वर्ष, निवासी हैलावाडी, उज्जैन को दोषमुक्त किया। प्रकरण में आरोपी शेरु पिता फखरुद्दीन उम्र 28 वर्ष निवासी बेगम बाग उज्जैन फरार है।
अतिरिक्त जिला लोक अभियोजन अधिकारी श्री विजय पारस, जावरा जिला रतलाम ने बताया कि दिनांक 17.07.2016 को थाना औ.क्षै.जावरा पर सूचना मिली कि ग्राम नाउखेडी में ईश्वरसिंह के खेत पर स्थित कुए में एक अज्ञात महिला का शव तैर रहा है। उक्त सूचना पर से पुलिस द्वारा घटना स्थल पर जाकर अज्ञात महिला का शव कुए से बाहर निकलवाकर अवलोकन करते मृतिका का गला कटा हुआ था तथा शरीर पर चोट के निशान होकर बाए हाथ की कलाई पर भी कटने का निशान था, घटना स्थल कुए के पास ही नीम के पेड़ के नीचे खून गिरा हुआ तथा लाल कलर के मोती बिखरे, एक चाकू जिसमे खून लगा हुआ व शराब की खाली पाव मिले। घटना स्थल से उक्त सम्पूर्ण साक्ष्य संग्रहीत कर मृतिका पीएम करवाया जाकर थाने पर अपराध क्रं.416/16 धारा 302 भादवि हत्या का अपराध अज्ञात आरोपी के विरुद्ध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई। उक्त अज्ञात मृृतिका के फोटोग्राफ्स पेम्पलेट व उसकी जानकारी प्रसारित की गई, जिसमें दिनांक 19/07/2016 को थाना चिमनगंज, उज्जैन में दर्ज गुमशुदगी में गुमशुदा महिला के फोटोग्राफ्स मृतिका के फोटोग्राफ्स से मिलान होने पर उसके पति गणेशलाल गुर्जर निवासी मक्सीरोड उज्जैन व उसके लडके भरत को तलब कर शमशान जावरा में मृतिका के शव को निकलवाकर उनसे पहचान करवाई गई, तो उक्त दोनों ने मृतिका की पहचान अपनी पत्नी व मॉ के रुप में करते हुए उसका नाम सुगनबाई गुर्जर होना बताया। पुलिस द्वारा मृतिका सुगनबाई के मोबाईल नम्बर की कॉल डिटेल निकलवाकर, कॉल डिटेल का एनालाईस के आधार पर विवेचना अधिकारी निरीक्षक हरिश जेजुलकर द्वारा दिनांक 31/07/2016 को आरोपी अमानत उर्फ मिट्ठू को उज्जैन से पकडा व उससे पुछताछ की, तो उसने बताया था कि उसने शेरु मंसुरी व रामलाल उर्फ राजेश को सुगनबाई की हत्या करने की सुपारी 15,000 रुपयें में दी थी, जो उन दोनो ने सुगनबाई की चाकू से गला काट कर, हत्या कर उसकी लाश को कुएं में फेक दिया था। उन दोनों ने मृतिका का मोबाईल, मंगलसूत्र, पायजेब व पर्स निकाल लिया था, मोबाईल मेरे पास बेग में रखा है। उक्त जानकारी के आधार पर विवेचक द्वारा मिट्ठु उर्फ अमानत खां से मृतिका का मोबाईल मय सीम के जप्त कर आरोपीगण शेरु मंसुरी व रामलाल उर्फ राजेश को भी उज्जैन से दिनांक 31/07/2016 को ही गिरफ्तार कर उनसे पुछताछ कर उनके द्वारा घटना के समय पहने गए कपडे तथा मृतिका मंगलसूत्र, पायजेब, पर्स जप्त कर आवश्यक अनुसंधान उपरांत अभियोग पत्र तीनो अभियुक्तगण के विरुद्ध दिनांक 26/10/2016 को माननीय न्यायालय मंे प्रस्तुत किया गया।
माननीय विचारण न्यायालय में अभियोजन की ओर से कुल 45 साक्षियों में से अपने समर्थन में 32 साक्षियो को परीक्षित कराया गया एवं घटना को प्रमाणित करने हेतु मौखिक, दस्तावेजी एवं वैज्ञानिक साक्ष्य तथा लिखित बहस प्रस्तुत कर आरोपीगण को आरोपित धाराओ में उल्लेखित अधिकतम दंड से दंडित किये जाने के तर्क प्रस्तुत किये गये।
माननीय न्यायालय द्वारा विचारण उपरांत अपने निर्णय दिनांक 25.08.2022 को अभियोजन द्वारा प्रस्तुत साक्ष्य को अभियुक्त रामलाल उर्फ राजेश के विरुद्ध प्रमाणित मानते हुये दोषसिद्ध किया गया एवं अभियुक्त मिट्ठु उर्फ अमानत के विरुद्ध आई हुई साक्ष्य को प्रमाणित न पाये जाने से उसे दोषमुक्त किया गया। प्रकरण में अन्य आरोपी शेरु पिता फखरुद्दीन विचारण के दौरान फरार होने से प्रकरण उसके विरुद्ध सुरक्षित रखने के निर्देश दिए गए। प्रकरण की सफल पैरवी अति.जिला लोक अभियोजन अधिकारी श्री विजय पारस जावरा जिला रतलाम द्वारा की गयी।

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