जहां कार्यकर्ताओं को बिठाना था वहां अधिकारियों को बिठाकर सरकार ने गलत ही किया है-श्री चौधरी
रतलाम। सहकार भारती के दो दिवसीय प्रांतीय अभ्यास वर्ग का शुभारंभ करते हुए प्रदेश अध्यक्ष नारायणसिंह चौधरी ने कहा कि सहकार भारती प्रदेेश में सहकारी आंदोलन को मजबूत करने के लिए तहसील स्तर तक सक्रिय है। कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित करने ,विषय वस्तु से विदित करने तथा उनमें नेतृत्व की क्षमता उत्पन्न करने केे लिए अभ्यास वर्ग के आयोजनों का सिलसिला शुरू कर रही है। प्रांतीय अभ्यास वर्ग इसी की एक कड़ी है। इसके पश्चात जिलास्तर पर अभ्यास वर्ग आयोजित होंगे।
श्री चौधरी ने गुरूनानक भवन में आयोजित अभ्यास वर्ग में सहकार भारती के राष्ट्रीय स्वरुप की चर्चा की और कहा कि इसके स्थापना काल 1978 से ही सहकारिता को मजबूत बनाने के लिए कार्य किए जा रहे है। राष्ट्रवादी सहकारी बंधुओं के विचार विनिमय से सहकारी की शुद्धि, वृद्धि ,समृद्धि केे माध्यम से भारत के अंतिम पंक्ति के गरीब, वंचित ,शोषित ,पीडि़त बंधुओं की क्रय शक्ति बढ़ाकर उन्हें भारत के विकास की मुख्य धारा से जोडऩे का कार्य सहकारी संस्थाओं के माध्यम से किया जा रहा है। हम सहकारिता क्षेत्र में ट्रेनिंग के माध्यम से भी सहकारिता के जागरण का काम कर रहे है।
सहकारी प्रकोष्ठ बनाकर अलग-अलग प्रकार के सहकारिता के विशेषज्ञ तैयार कर समितियों का गठन भी किया जा रहा है, ताकि लोगों को आत्मनिर्भर बनाया जा सके। सहकार भारती से मातृशक्ति भी काफी जुड़ रही है यह प्रसन्नता की बात है।
चुनाव न कराकर संवैधानिक उल्लंघन कर रही है
श्री चौधरी ने सहकारी संस्थाओं के चुनाव नहीं कराकर प्रदेश सरकार संवैधानिक उल्लंघन कर रही है। सरकार बनाने के लिए कार्यकर्ताओं को साथ लिया जाता है,लेकिन सरकार बनने के बाद कलेक्टर, एसपी तक कार्यकर्ताओं की बात नहीं सुनते। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश सरकार ने एक प्रकार से गलत ही किया है कि जहां कार्यकर्ताओं को संवैधानिक पदों पर बिठाना था वहां अधिकारियों को बिठाया गया है।
अभ्यास वर्ग मेें विभिन्न सत्र आयोजित किए गए। प्रथम सत्र सहकार भारती परिचय, संगठनात्मक रचना एवं मुल्य विचार विषय पर राष्ट्रीय मंत्री अशोक टेकाम ने संबोधित किया। दूसरा सत्र सहकार भारती पदाधिकारियों का दायित्व अथवा भूमिका विषय पर पूर्व प्रांतीय अध्यक्ष शिवनारायण पाटीदार ने संबोधित किया। इस सत्र के मुख्य अतिथि वरिष्ठ सहकारी नेता शरद जोशी थे। अध्यक्षता सुरेन्द्र जोशी ने की। तृतीय सत्र में राष्ट्रीय कार्यसमिति के सदस्य एवं डेयरी प्रकोष्ठ केे राष्ट्रीय सहप्रमुख देवेन्द्र शर्मा ने प्रकोष्ठों की रचना एवं प्रकोष्ठों के कार्य विषय पर प्रकाश डाला।
महामंत्री योगेन्द्रसिंह सिसौदिया ने अभ्यास वर्ग के प्रस्तावना पर प्रकाश डाला। जिलाध्यक्ष गोपाल परमार ने स्वागत भाषण दिया। सचिन ताम्रकर, महाबली गौतम रत्नाकार, दशरथ पंड््या, राजेन्द्र राठौर ने भी विभिन्न सत्रों में अपने विचार व्यक्त किए।