परंपराएं सिद्धांतों की रक्षा के लिए होती है, सिद्धांतों का गला घोटने के लिए नहीं-राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश

दलोदा जैन दिवाकर स्मृति भवन 9 जनवरी 2023 । सिद्धांतहीन अवसरवादी गिरगिट की भांति रंग बदलने वाला कितनी कठोर साधना कर ले धार्मिकता में प्रवेश नहीं कर सकता उक्त विचार राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश ने संबोधित करते कहा कि सिद्धांत शाश्वत होते हैं त्रिकाल सत्य होते हैं सदैव प्रासंगिक रहेंगे।
मुनि कमलेश ने कहा कि परंपराएं सिद्धांतों की रक्षा के लिए होती है सिद्धांतों का गला घोटने के लिए नहीं। उन्होंने बताया कि सिद्धांत की रक्षा करना धर्म गुरु और परमात्मा की रक्षा से बढ़कर है करुणा प्रेम सद्भाव मैत्री का पालन करना ही सिद्धांतों का पालन करना है ।
राष्ट्रसंत ने कहा कि ज्ञानी आत्मा का भी जब स्वार्थ और अहंकार टकराता है तो सिद्धांतों को कुचलने के लिए राक्षस बन जाता है । जैन संत ने कहा कि अपने अनुकूल हुआ तो सामने वाला भगवान और प्रतिकूल हुआ तो संत और भगवान की शैतान के रूप में नजर आने लगते हैं ।
दिगंबर कीर्ति माताजी ने कहा कि परंपरा के पालन को ही सिद्धांत मानले ना अज्ञानता है परंपरा मार्ग है सिद्धांत मंजिल है । दिगंबर श्वेतांबर परंपराओं का मधुर मिलन प्रयागराज तीर्थ की भांति दलोदा परिवर्तित हो गया भारी संख्या में जनता उमड़ पड़ी कौशल मुनि ने मंगलाचरण किया घनश्याम मुनि ने विचार व्यक्त किए डॉ अजीत जैन संघ अध्यक्ष सुभाष जैन दीपक जैन महिला मंदिर से हीराजैन ने अभिनंदन किया। शिसिर पटवा ने आभार व्यक्त किया 10 जनवरी का प्रवचन 9:15 बजे संयुक्त होगा ।

Play sound