अखिल भारतीय जैन दिवाकर विचार मंच नई दिल्ली द्वारा बालकों के प्रश्न मंच का आयोजन किया, विजेताओं को पुरस्कार दिए गए


अफजलपुर (रेनबो किड्स इंटरनेशनल) । शिक्षा का स्मार्ट डिग्री प्राप्त करना नहीं बल्कि कर्तव्यों का बोध होना प्राथमिकता के रूप में होना चाहिए । उक्त विचार राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश ने संबोधित करते कहा कि विनय के अभाव में अमृत जैसा ज्ञान भी जहर के रूप में परिवर्तित हो जाता है।
उन्होंने कहा कि विनय और विवेक के साथ उपार्जित किया गया ज्ञान जन्म जन्मांतर तक उत्थान में साथ देता है । राष्ट्रसंत ने कहा कि आध्यात्मिक संस्कृति से निर्मित संस्कार युक्त ज्ञान के बिना चरित्र निर्माण का होना असंभव है । मुनि कमलेश ने कहा कि बालक देश की अनमोल धरोहर है जिनके सहारे देश का उज्जवल भविष्य तैयार किया जा सकता है।
जैन संत ने कहा कि फैशन व्यसन और पाश्चात्य संस्कृति का अंधानुकरण के प्रदूषण मुक्त होने पर ही युवा पीढ़ी की उर्जा का सकारात्मक और रचनात्मक उपयोग होगा।
अखिल भारतीय जैन दिवाकर विचार मंच नई दिल्ली द्वारा बालकों के प्रश्न मंच का आयोजन किया । विजेताओं को पुरस्कार दिया गया । प्राचार्य पंकज जैन संचालन किया कैलाश डाबी नितेश सेन अशरफ मंसूरी सुभाष प्रजापत चंद्रशेखर वर्मा शालू शर्मा रिंकू महेश्वरी सीमा मोदी राष्ट्रसंत का अभिनंदन किया।
