जिले में लाडली बहना योजना के क्रियान्वयन हेतु घर-घर सर्वेक्षण जारी

रतलाम 10 मार्च 2023। कलेक्टर श्री नरेंद्र सूर्यवंशी द्वारा जिले में लाडली बहना योजना के सफल क्रियान्वयन हेतु जिले के सभी एसडीएम, तहसीलदारों, जनपदों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों, नगरपालिका अधिकारियों, महिला बाल विकास विभाग के अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक शुक्रवार शाम ली गई। बैठक में कलेक्टर ने कहा कि लाडली बहना योजना महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएगी। शत-प्रतिशत पात्र महिलाओं को हमें लाभ देना है, इसके लिए गंभीरता से मैदानी क्षेत्र में कार्य करना होगा। बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्रीमती जमुना भिड़े भी उपस्थित थी।
जिले में लाडली लक्ष्मी योजना के सफल क्रियान्वयन हेतु घर-घर सर्वेक्षण किया जा रहा है। बताया गया कि योजना में लगभग 4 लाख 64 हजार 500 महिलाएं हैं जिनको लाभ देने हेतु कलेक्टर ने विशेष बैठक आयोजित कर कार्य योजना पर चर्चा की। जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री सिन्हा ने बताया कि उनकी कार्यकर्ताओं द्वारा घर-घर जाकर लक्षित महिलाओं का सर्वेक्षण किया जा रहा है। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं सहित अन्य शासकीय अमले द्वारा महिलाओं के बैंक खाते खुलवाने, बैंक खातों का आधार से लिंक करने, बैंक खातों को डीबीटी इनेबल करने की कार्रवाई कराई जा रही है। कलेक्टर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि जिन महिलाओं के बैंक खाते नहीं हैं और जिनको लाभ देना है उनके बैंक खाते जीरो बैलेंस पर खुलवाए जाएंगे। बैठक में एसडीएमगणों द्वारा बताया गया कि लाडली योजना के क्रियान्वयन हेतु दलों का गठन हो चुका है नोडल बनाए जा चुके हैं।
कलेक्टर ने कहा कि जिले में लगभग 600 सीएससी सेंटर हैं। इसके अलावा नए सीएससी सेंटर भी खोले जा सकते हैं। महिलाओं के बैंक खाते खुलवाने से लेकर आधार से लिंक करने ईकेवाईसी करवाने तथा अन्य तकनीकी कार्यों के लिए सीएससी पर समयबद्ध ढंग से कार्य किया जाएगा। निर्धारित कार्य योजना के अनुसार 1 दिन में 13 हजार से लेकर 65 हजार तक संख्या में महिलाओं के आवेदन की पूर्ति की जाएगी।
कलेक्टर श्री सूर्यवंशी ने महिलाओं के आवेदन बढ़ाने की प्रक्रिया के संबंध में शिविरों के स्थान तय करने समय निर्धारित करें। पात्र महिलाओं की सूची से मिलान करने स्थानों पर बैठक व्यवस्था, पानी एवं अन्य जरूरी व्यवस्थाएं करने, बायोमैट्रिक डिवाइस, नेट कनेक्टिविटी, मोबाइल, लैपटॉप इंटरनेट, डोंगल, सुचारू विद्युत व्यवस्था, जनरेटर इत्यादि संसाधन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने प्रत्येक ग्राम पंचायत में एक से अधिक ग्राम होने पर प्रत्येक ग्राम के लिए पृथक-पृथक तिथि कैंप करने, वार्डों में पृथक-पृथक गेम तिथियां निर्धारित करने, इसी प्रकार मोहल्लों में समयबद्ध कार्यक्रम के लिए निर्देशित किया।
कलेक्टर ने अधिकारियों, कर्मचारियों को निर्देशित किया कि लाडली बहना योजना के क्रियान्वयन के लिए सतत रूप से जनप्रतिनिधियों के संपर्क में रहे, उनको जानकारी देवें। उनसे मार्गदर्शन लेवे। एसडीएम अपने विधायक के साथ एवं तहसीलदार नायब तहसीलदार अपने क्षेत्र के सरपंचों के साथ बैठक आयोजित कर ले। बताया गया कि जिले में सभी अनुभाग में शासकीय अमले को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। कलेक्टर ने योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए। इसके अंतर्गत पोस्टर बैनर फ्लेक्स पंपलेट आदि प्रकाशित करने के निर्देश दिए।
बताया गया कि लाडली बहना के पात्र महिलाओं से संपर्क करते हुए महिला बाल विकास विभाग की कार्यकर्ताओं द्वारा घर-घर जाकर ईकेवाईसी करवाई जा रही है, उनके खाते खुलवाए जा रहे हैं। खातों को आधार से लिंक करवाया जा रहा है। खातों को डीवीडी इनेबल कराया जा रहा है। महिलाओं के बैंक खाते नहीं है उनके बैंक खाते यथासंभव उनके गांव में ही खोले जाएंगे।
कलेक्टर ने कहा कि महिलाओं के खाते खुलवाने से लेकर योजना का लाभ देने संबंधित सभी समस्त कार्यों की प्रतिदिन मॉनिटरिंग की जाएगी। उसके सेंटर पर किए जाने वाले कार्यों का सेंटरवार घोषवारा प्राप्त किया जाएगा। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि महिलाओं के बैंक खाते खोलने, आधार से लिंक करने, डिबिटी इनेबल करने जैसी कार्रवाई या 25 मार्च तक संपूर्ण कर ली जाएं। कलेक्टर ने कहा कि लाडली बहना योजना के आवेदन लेने की कार्रवाई उत्सवी माहौल में की जाएगी। यह योजना महिलाओं के जीवन में बदलाव लाने की योजना है।
बैठक में कलेक्टर द्वारा जिले में कॉलोनियों के विकास के संबंध में प्रथम, द्वितीय प्रकाशन, अंतिम प्रकाशन, एस्टीमेट तैयार करने, लेआउट प्रकाशन, नोटिस जारी करने, नक्शे प्रकाशन इत्यादि की कार्रवाई 25 मार्च तक करने, 25 मार्च से 30 मार्च के मध्य शॉर्ट टेंडर जारी करने, 5 से 7 अप्रैल के मध्य टेंडर खोलने की कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसके अलावा जल जीवन मिशन के तहत नल जल योजनाओं के क्रियान्वयन, समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन के लिए किसान पंजीयन, किसानों का सत्यापन, ओलावृष्टि एवं असमय वर्षा से फसल नुकसान के सर्वेक्षण एवं बीमा कंपनी को पत्र लिखने आदि समीक्षा भी की गई।