चंदना जैन बनी महासती लब्धि दर्शनाजी म.सा.

जावरा (अभय सुराणा) । जिनकी निगाहों में माटी और सोना दोनों समान होते हैं ऐसे निष्प्रिय ही सच्चे संत होते हैं उक्त विचार राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश ने दीक्षार्थी चंदना बहन की दीक्षा के अवसर पर उपस्थित विशाल समारोह को संबोधित करते कहा कि ज्ञान और साधना में लीन होंगे धर्म और परमात्मा के नजदीक होंगे।
उन्होंने कहा कि संत सादगी त्याग और वैराग्य की साक्षात प्रतिमूर्ति होती है विलासिता और साधुतामे 36 का आंकड़ा है। मुनि कमलेश ने बताया कि संत पंथ की नहीं सिद्धांतों की बात करता है वहीं विश्व पूजनीय बनता है।
प्रवर्तक विजय मुनि जी ने कहा कि साधना की अलौकिक शक्ति प्रकृति और विज्ञान को भी चुनौती देती है । प्रवर्तक प्रकाश मुनि जी ने कहा कि विश्व बंधुत्व की भावना को साकार रूप देने वाला ही धर्म का अधिकारी है।
उप प्रवर्तक श्री अरुण मुनि जी ने कहा कि वात्सल्य प्रेम और सद्भाव का पालन करने वाला ही संत महान होता है। उप प्रवर्तक चंद्रेशमुनि जी ने बताया कि साधना के परमाणु का निर्माण विज्ञान सरकार और विश्व के संपत्ति देकर भी नहीं किया जा सकता।
अभिग्रह धारी श्री राजेश मुनि जी श्री राजाराम मुनि महासती प्रियदर्शना जी महासती रमणीक कंवर जी ने भी अपने विचार व्यक्त किए ।अखिल भारतीय जैन दिवाकर विचार मंच नई दिल्ली महिला शाखा की राष्ट्रीय अध्यक्षा श्रीमती कल्पना मुथा औरंगाबाद की प्रतिनिधि राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रानी राणामें दीक्षार्थी चंदना अभिनंदन करते हुए श्रीमती मुथा की ओर से 27000 की राशि संत सेवा में समर्पित करने की घोषणा की।
दिवाकर मंच के राष्ट्रीय संगठन मंत्री श्री अभय सुराणा ने समारोह को संबोधित करते हुए दीक्षा के महत्व को बताया। संगठन समिति के अध्यक्ष शांतिलाल मारु ने भी विचार व्यक्त किए । दीक्षा के पूर्व भव्य वरघोड़ा निकाला गया दीक्षार्थी के धर्म के माता पिता श्री शिरीर पटवा ने अभिनंदन किया समारोह की अध्यक्षता स्वास्थ्य केंद्र के अध्यक्ष रमेश जी भंडारी ने की अजय जी चौधरी इंदौर ने एक डायलिसिस मशीन वह सकल जैन समाज मंदसौर के अध्यक्ष श्री प्रदीप जैन ने डिजिटल x-ray मशीनमहावीर स्वास्थ्य केंद्र को भेंट करने की घोषणा करी।
दीक्षा विधि का पाठ प्रवर्तक विजय मुनि जी ने सुनाया नव दीक्षित का नाम लब्धि दर्शना रखा गया वर्तमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ दलोदा युवा मंडल महिला मंडल सकल जैन समाज ने सेवा का अनुपम लाभ लिया राजस्थान मध्य प्रदेश महाराष्ट्र गुजरात सहित देश के कोने कोने से दिवाकर मंच के कार्यकर्ताओं ने 500 की संख्या में भाग लिया मुनि कमलेश का इंदौर चातुर्मास घोषित किया गया। 25 जून को चातुर्मास का भव्य प्रवेश है ।संघ अध्यक्ष विपिन जैन ने आभार व्यक्त किया हजारों की जनता समारोह में उमड़ पड़ी।

Play sound