आसक्ति के कारण लोग क्रोध अहंकार पाप सब बढ़ता है- शासन दीपक आदित्य मुनि म सा

रतलाम। उत्तराध्यान सूत्र के अनुसार आसक्ति के कारण मोक्ष मार्ग नहीं मिल सकता मोह माया लोग लालच अहंकार हिंसा क्रोध पाप यह सभी आसक्ति की वजह से ही है के कारणों में एक बड़ा कारण रसना इंद्री भी है। रसना इंद्री यानी आहार एकेंद्री जीव से लेकर पंचेंद्री जीव सभी के लिए आहार जरूरी है साधु भी सांसारिक लोगों से मुख्य रूप से आहार के लिए जुड़ा हुआ हे शुद्ध आहार शुद्ध भावना भाता है उसे रचना लेकर खाना आ सकती है ।बड़े-बड़े संत महापुरुष देवी देवता मोह के जाल से दूर नहीं होने के कारण मोक्ष की प्राप्ति नहीं कर पाए मानव जीवन जैसा दुर्लभ जीवन पाकर भी अपने आप को आसक्ति की वजह से नहीं तिरा पाए। यह हमारे जीवन में लेश्या भी बढ़ाता है उपरोक्त बात राम महिमा महोत्सव के अंतर्गत प्रवचन में शासन दीपक आदित्य मुनि मा सा ने फरमाई । जानकारी देते हुए श्री साधुमार्गी जैन संघ के रितेश गाजिया ने बताया कि प्रवचन में अजय को हटाने अपने भाव रखें जिसमें उन्होंने संघ द्वारा दिए गए आयामों से जुड़ने का आव्हान किया खाचरोद व आसपास का महिला मंडल व संघ भी पधारे थे श्री संघ के अध्यक्ष सुदर्शन फिरोदिया ने संचालन किया अहोभाव मंत्री दशरथ बाफना ने रखा।