

रतलाम । आई फ्लू आंखों को संक्रमित करने वाली ऐसी बीमारी है, जो इन्फेक्शन की वजह से होती है, इस बीमारी में आंख की उस झिल्ली में संक्रमण होता है, जो आंख को ढक कर रखती है. इसे कंजंक्टिवाइटिस या PINK EYE भी कहा जाता है । उक्त बात सिविल हॉस्पिटल में आंखो के डॉ. एस.एस. गुप्ता ने कही। आपने बताया की अभी इस के मरीज हॉस्पिटल में 100 से 150 रोज आ रहे है और अभी हॉस्पिटल में पेसेंट को प्रातः 9 बजे से 2 बजे तक डॉक्टर की टीम देखती है। डॉक्टर गुप्ता ने बताया की इस की जागरूकता के लिए प्रचार प्रसार कर रहे है । यह बीमारी 5 से 7 दिन में सिर्फ सावधानी से ठीक होती है और दवाई से 3 से 5 दिन में ठीक हो जाती है । यह घातक बीमारी नहीं है इससे नागरिकों को डरने की जरूरत नहीं है ।
आई फ्लू होने पर क्या करें? –
दवा डालने से पहले और बाद में अपने हाथों को साबुन से धो लें। आई-फ्लू से पीड़ित व्यक्ति आँखों को साफ करने के लिए स्टेराईल आई-वाईप का उपयोग कर सकते हैं। आई-फ्लू से पीड़ित व्यक्ति अपना चश्मा, तोलिया, रूमाल, तकिया आदि अलग रखें। मानसून के दिनों में आई मेकअप का उपयोग कम से कम करें।
यदि आपको कंजंक्टिवाइटिस हो गया है तो इसका घरेलू इलाज करने से पहले इन बातों का विशेष ध्यान रखना जरूरी है। ऑय फ्लू में सही इलाज तभी संभव है जब कुछ सावधानियां बरती जाए । किसी व्यक्ति से हाथ नहीं मिलाना चाहिए। आंखों को हाथ से नहीं रगड़ना चाहिए।
यदि बच्चों के आंख में हो गया हो, तो उसे स्कूल नहीं भेजना चाहिए।
आंखों को तीन-चार बार गुनगुने पानी से धोना चाहिए। तीन-चार दिन रोगी को आराम करना चाहिए।
दिवाकर दीप्ति न्यूज पोर्टल ने नागरिकों से अपील की है की डॉक्टर की सलाह जरूर लें, सजग और जानकार होकर, जागरूक नागरिक का परिचय देवे ।