



इंदौर महावीर भवन 27 जुलाई 2023 । जाति और पंथ के आधार पर किसी को उपासना का अधिकार देना अथवा छीनना साक्षात परमात्मा का अपमान करने के समान है। उक्त विचार राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश ने संबोधित करते कहा कि सभी महापुरुषों की संपूर्ण मानव समाज को उपासना करने का समान अधिकार है।
उन्होंने कहा कि धर्म किसी की बपौती नहीं है ठेकेदारी नहीं है अथवा मोल नहीं खरीदा धर्म के नाम पर स्वार्थ की दुकानदारी चलाना सरासर अन्याय है।
मुनि कमलेश के बताया कि दुर्भाग्य है साधना के नाम पर नारी और पुरुष को भी भेदभाव की दीवार में खड़ा कर दिया।
राष्ट्रसंत ने बताया कि धर्म तो सूर्य के समान है संपूर्ण मानव समाज लाभान्वित होनी चाहिए धर्म में छुआछूत मानना सिद्धांतों की हत्या करने के समान है। जैन संत ने कहा कि धर्म के नाम पर बटने और बांटने वाले धर्म के मर्म से अनभिज्ञ हैं गौर अज्ञानता का प्रतीक है।
अखिल भारतीय जैन दिवाकर विचार मंच नई दिल्ली के राष्ट्रीय मंत्री श्री हर्ष कुमार मुनोत हैदराबाद प्रतिनिधिमंडल बेंगलुरु का दक्षिण प्रांत प्रतिनिधिमंडल ने कहा 25 वर्ष हो गए हजारों भक्त बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं पधारने की स्वीकृति प्रदान करें संघ की ओर से रमेश भंडारी प्रकाश भटेवरा अशोक मंडलिक ने स्वागत किया।