सेवानिवृत्त आईजी सतीश सक्सेना ने पूछी प्रो. हाशमी की कुशलक्षेम

प्रो. हाशमी ने सम्मान कर “मामला पानी का” पुस्तक की भेंट

रतलाम। पुलिस विभाग के सेवानिवृत्ति पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) सतीश सक्सेना शनिवार को रतलाम के ख्यात चिंतक और कवि प्रो. अज़हर हाशमी के इंदिरा नगर निवास पहुंचे उनकी कुशलक्षेम पूछने पहुंचे। सक्सेना ने प्रो. हाशमी के दीर्घायु जीवन की कामना करते हुए लेखन के क्षेत्र में और प्रसिद्धि पाने की शुभकामनाये व्यक्त की। इस दौरान प्रो. हाशमी ने शाल व श्रीफल भेंट कर सक्सेना का स्वागत किया तथा उन्हें अपने द्वारा लिखित हिंदी गजल संग्रह “मामला पानी का” पुस्तक भी सक्सेना को भेंट की।
करीब एक घंटे की चर्चा के दौरान सेवानिवृत्त अाईजी सक्सेना व साहित्यकार प्रो. हाशमी ने एक-दूसरे के साथ संस्मरण साझा करते हुए पुराने दिनों को याद किया।प्रो. हाशमी ने सक्सेना से उनके परिवार के हाल-चाल पूछकर उनके व परिजनों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की ।सेवानिवृत आईजी सक्सेना के साथ उनके पुत्र शोभित सक्सेना भी थे।पुलिस सेवा में अाने के पहले सक्सेना प्राध्यापक थे तथा रतलाम में कुछ समय के लिए शासकीय कला एवं विज्ञान महाविद्यालय में प्रोफेसर के रूप में काम कर चुके हैं। तब प्रो. हाशमी भी इसी कालेज में प्राध्यापक के पद पर कार्यरत थे।
एएसपी रहने के दौरान घनिष्ठता हुई
सक्सेना ने चर्चा में बताया कि रतलाम कालेज में करीब एक माह प्रोफेसर के रूप में काम करने के दौरान उनका चयन पुलिस सेवा में हुआ और 1993 में एएसपी के रूप रतलाम आए। तब प्रो हाशमी से और ज्यादा घनिष्ठता हुई। तब से लगाकर आज तक जीवंत संपर्क में है। सेवानिवृत्त आइजी सतीश सक्सेना रतलाम में एसपी व डीआईजी के पद पर भी पदस्थ रह चुके है।