स्वच्छता धार्मिकता का अभिन्न अंग है – राष्ट्र संत कमल मुनी कमलेश

इंदौर महावीर भवन 1 अक्टूबर 2023 । विचारों की स्वच्छता से आत्मा निर्मल मन पवित्र शरीर निरोग और पूरा परिसर शुद्ध बनने में देर नहीं लगती। उक्त विचार राष्ट्र संत कमल मुनी कमलेश ने स्वच्छता अभियान को संबोधित करते कहा कि मंदिर की भांति घर गली और शहर स्वच्छ रखना है धार्मिकता की पहली पहचान है। उन्होंने कहा कि स्वच्छता धार्मिकता का अभिन्न अंग है आत्म शुद्धि के लिए बाहर शुद्धता जरूरी है स्वच्छता अपने आप मे रामबाण औषधि है। मुनि कमलेश ने बताया कि गांव शहरों और रोड़ों पर पशुओं का खुला घूमने से स्वच्छता अभियान का जनाजा निकालना के समान है। राष्ट्र संत ने कहा कि प्लास्टिक थैलियां नालियों में पैक हो रही है रोड़ों पर पानी आ रहा है गंदगी दुर्गंध और साम्राज्य है इसके लिए अकेली सरकार को दोष देना अपनी कमजोरी छुपाना है प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है स्वच्छता में अपना योगदान दे। जैन संत ने बताया कि व्यक्ति गंदगी फैलाकर बीमारियों को खुला निमंत्रण दे रहा है स्वच्छता ही देश का असली श्रृंगार है इंदौर की स्वच्छता से पूरे देशवासियों को प्रेरणा लेनी चाहिए। अखिल भारतीय जैन दिवाकर विचार मंच नई दिल्ली महिला शाखा मध्य प्रदेश की मंत्री कविता छींगावत ने कहा की प्लास्टिक थैली का बहिष्कार करें कपड़े की थैली लेकर जाए सभी को संकल्प दिलाया महासती रश्मि जी ने मंगल चरण किया, घनश्याम मुनि ने विचार व्यक्त किया। 2 अक्टूबर को राष्ट्र का महात्मा गांधी एवं लाल बहादुर शास्त्री की जयंती नशा मुक्ति दिवस के रूप में मनाई जाएगी।