रतलाम (दिवाकर दीप्ति)। मध्यप्रदेश में मॉडल एक्ट मंडी अधिनियम लागू किए जाने के विरोध में प्रदेश के मंडी के समस्त कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल के तहत रतलाम में हड़ताल रहने से स्थानीय सब्जि मंडी में कर्मचारियों द्वारा तालाबंदी किए जाने के कारण नगर में सब्जियों की किल्लत दिखने लगी है । वहीं आज रतलाम जिले के सब्जी उत्पादक कृषक सब्जियाँ मंडी पहुंचने पर मंडी पर तालाबंदी होने के कारण उन्होंने अपना माल सिविक सेंटर में जाकर सब्जियाँ बेचना शुरू की गई तब वहां पर नगर निगम द्वारा उन्हें वहां से हटाया गया। इस पर सब्जी विके्रताओं द्वारा विरोध किए जाने पर एक चर्चा अनुसार कांग्रेस के किसान नेता वहां पर पहुंच गए और उन्होंने किसानों की मांगो को लेकर मंडी गेट पर पहुंचकर किसानों के साथ मंडी में प्र्रवेश करने का प्रयास किया ऐसी चर्चा में जानकारी मिली है? वही मंडी प्रशासन के कर्मचारियों द्वारा अपनी अनिश्चिकालीन हड़ताल के समर्थन में मंडी की चाबियाँ भारसाधक अधिकारी कार्यालय में जमा करवाने गए थे परन्तु चाबियाँ जमा ना करते हुए मंडी पुन: शुरू करने के आदेश दिए सूत्रों से जानकारी मिली है। सब्जी मण्डियों के आड़तियों से चर्चा कर सब्जी मंडी में माल बेचने के लिए प्रशासन ने कहा है ऐसी जनचर्चा है। साथ ही आड़तियों के निवेदन पर प्रशासन आड़तियों को अनाज मंडी में सोमवार से कर्मचारियों की हड़ताल समाप्त होने तक प्याज का भी निलाम कर माल बेंचेगे और किसानों को भुगतान करने के लिए आड़तियों को कहां गया है ऐसी जनचर्चा है । हालांकि उक्त मामले में समाचार लिखे जाने तक प्रशासन की तरफ से कोई भी अधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है ।
वहीं अनाज मंडी में सरकारी निलामी में प्याज बिकेंगे या नहीं बिकेंगेऔर मंडी के लाईसेंस प्याज लहसुन व्यापारी आड़तियों से माल खरीदकर आड़तियों को आड़त भी देंगे और मंडी टेक्सभी देंगे यह एक जनचर्चा का विषय है । हालांकि उक्त मामले में समाचार लिखे जाने तक प्रशासन की तरफ से कोई भी अधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है । उल्लेखनीय है कि सरकारी मंडी चालू रहने पर लाईसेंसधारी प्याज व्यापारियों को प्याज खरीदी पर किसी भी प्रकार की आड़त नहीं देना पड़ती थी । अब देना पड़ेगी या नहीं यह जनचर्चा है ।