जोधपुर । श्रमण संघीय जैन दिवाकर गुरुदेव श्री चौथमल जी महाराज साहब की परंपरा के निर्मल पवित्र संत पंडित रत्न श्री नरेंद्र मुनि का इंदौर इमली बाजार महावीर भवन आज अचानक देवलोक गमन के समाचार सुनकर मन को भारी आघात लगा सच्चे मायने में दुर्लभ संतों में एक थे यश कीर्ति पद प्रतिष्ठा की लालसा से दूर सहज सरल व्यक्तित्व के धनी आत्मीयता से ओतप्रोत परम सेवाभावी छोटे-छोटे संतों की सेवा में भी आनंद की अनुभूति करते थे । पश्चिम भारतीय प्रवर्तक गुरुदेव महाश्रमण श्री रमेश मुनि जी के अंतेवासी शिष्य थे एक प्रेम का सागर हमसे दूर हो गया आगम मनीषी प्रवर्तक गुरुदेव श्री विजय मुनि एक प्रवर्तक प्रखर वक्ता श्री चंद्रेश मुनि जी संस्कार मंच के प्रणेता सिद्धार्थ मुनि जी मधुर गायक शलीभद्र मुनि जी, परम सेवाभावी श्री अभिजीत मुनि जी, महासती श्री कंचन कंवर जी आदि ने बहुत सेवा का लाभ लिया । इंदौर श्रावक संघ ने अंतर्मन से सेवा में समर्पित होकर आदर्श प्रस्तुत किया वह बधाई के पात्र हैं। स्वर्गीय आत्मा को शांति मिले यही वीर प्रभु से मंगल कामना के साथ अखिल भारतीय जैन दिवाकर विचार मंच नई दिल्ली 18 राज्य की शाखाओं ने महामंत्र का जाप कर श्रद्धांजलि देने का निर्णय लिया । राष्ट्रसंत कमलमुनि कमलेश, घनश्याम मुनि, अरिहंत मुनि, धैर्य मुनि, कौशल मुनि, प्रशांत मुनि, अक्षत मुनि आदि साधु-साध्वीयों, समाजजनों ने भावपूर्ण विनम्र श्रद्धाजंलि अर्पित की ।
