- विशिष्ट प्रवचन श्रेणी में श्रीपाल-मयणा के मार्मिक प्रसंगों का वर्णन

रतलाम, 21 अक्टूबर। आचार्य श्री विजय कुलबोधि सूरीश्वरजी म.सा. की निश्रा में रविवार को दो मुमुक्षुओं को दीक्षा मुहुर्त प्रदान करने का कार्यक्रम होगा। इससे पूर्व प्रातः 8 बजे लाभार्थी लालचंद सुराणा’ परिवार के निवास स्थान जैन कॉलोनी से दीक्षार्थियों की शोभायात्रा निकलेगी, जो कि शहर के प्रमुख मार्गों से होकर सैलाना वालों की हवेली मोहन टाकीज पहुंचकर धर्मसभा में परिवर्तित हो जाएगी।
धर्मसभा में आचार्य श्री द्वारा मुमुक्षु निखिल जैन, मुंबई और मुमुक्षु मोक्षा धोका, लिमड़ी को दीक्षा मुहुर्त प्रदान किया जाएगा। श्री देवसूर तपागच्छ चारथुई जैन श्रीसंघ गुजराती उपाश्रय, श्री ऋषभदेवजी केशरीमलजी जैन श्वेताम्बर तीर्थ पेढ़ी ने समाजजनों से आव्हान किया है कि शोभायात्रा एवं धर्मसभा में अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर धर्मलाभ लेवे।
सैलाना वालों की हवेली मोहन टाकीज में आयोजित विशिष्ट प्रवचन श्रेणी में आचार्य श्री ने शनिवार को श्रीपाल-मयणा के मार्मिक प्रसंगों का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि विपरीत परिस्थितियों में भी जीवन को कैसे जीया जाता है, इसकी सीख उक्त प्रसंग से लेना चाहिए। आज विवाह के पूर्व लड़का-लड़की और परिवारजन रंग-रूप, धन-दौलत, शिक्षा सब कुछ देखते है, उसके बाद भी विवाह के पश्चात एक समय बाद आपसी समझ की कमी के कारण विवाद की स्थिति निर्मित होने लगती है।
आचार्य श्री ने कहा कि आज के लोगों में समझ और सहन शक्ति की कमी है। इस कारण से वर्तमान में दौर में घर-परिवार में विवाद बढ़ रहे है। समस्या यह है कि किसी के पास समझ नहीं है तो किसी के पास सहन शक्ति की कमी है। यदि यह आ जाए तो किसी घर में विवाद नहीं होंगे। अपनी इच्छाओं पर नियंत्रण रखने वाला व्यक्ति ही संसार में सुखी रह सकता है। विशिष्ट प्रवचन श्रेणी के दौरान बड़ी संख्या में धर्मालुजन उपस्थित रहे।