

रतलाम। एकता और सद्भावना देश के लिए अत्यंत आवश्यक है समाज और पूरे विश्व में शांति स्थापना के लिए एकता की शुरुआत स्कूलों के वातावरण से निर्मित होती है जो संस्कार बाल्यकाल में स्कूलों से प्राप्त होते हैं वही आगे चलकर व्यक्ति की प्रवृत्ति और स्वभाव को निर्मित करते हैं । अत: एकता और सद्भावना के संस्कार बच्चों को स्कूल से ही दिए जाना चाहिए।
उक्त विचार संत नामदेव स्कूल में आयोजित एकता दिवस पर उपस्थित बच्चों एवं शिक्षकों को संबोधित करते हुए लायंस क्लब के रीजन चेयरपर्सन और शिक्षक सांस्कृतिक मंच के अध्यक्ष दिनेश शर्मा ने कहे । आपने कहा कि हमारा देश भारत संस्कृति प्रधान देश है । जहां कई धर्म के लोग निवास करते हैं उन्हें आपस में एकता के सूत्र में जोड़कर रखना बड़ी चुनौती का काम है । लेकिन आने वाली पीढ़ी को यदि सही तरीके से शिक्षित किया जाए और उन्हें एक दूसरे की धर्म संस्कृति को कैसे सम्मान देना चाहिए यह सीखना होगा, तभी समाज और विभिन्न धर्म में एकता और सद्भाव बना रहेगी। इसके लिए सरकार समाज के साथ-साथ सामाजिक संगठनों को भी आगे आना होगा । लायंस गोल्ड के अध्यक्ष सरोज उझानी ने बच्चों में रचनात्मक बढ़ाने पर जोर दिया, शिक्षा के साथ अन्य गतिविधियां बच्चों के व्यक्तित्व विकास में सहायक होती है । लायंस पीस पोस्ट स्पर्धा प्रभारी मूवीना गोरी एवं आरती त्रिवेदी, शुभांगी जोशी भी मंचासीन थी ।
आरंभ में अतिथियों ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया । बालकों ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की, प्रधान आचार्य डॉ. संध्या वर्मा ने स्वागत भाषण दिया । अतिथियों का स्वागत विद्यालय परिवार एवं बच्चों ने किया । इस अवसर पर पीस पोस्टर प्रतियोगिता के विजेता विद्यार्थियों को अतिथियों ने प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया । बच्चों ने लघु नाटक तथा गीतों के माध्यम से देशभक्ति और एकता सद्भावना स्थापित करने के संदेश दिए।