जोधपुर । लापरवाही अपने आप में हमारा सबसे बड़ा शत्रु है जिससे जीवन में अराजकता अव्यवस्था निर्मित होती है यह सबसे बड़ा दुर्गुण हर प्रकार की सफलता में बाधक है। उक्त विचार राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश ने महावीर भवन निमाज की हवेली आचार्य डॉक्टर शिव मुनि की जयंती पर संबोधित करते कहा कि विश्व का कोई भी धर्म लापरवाही अपनाने की इजाजत नहीं देता । उन्होंने कहा कि लापरवाही अनर्थ की खान है पाप का का प्रवेश द्वार है लापरवाही अपनाने वाला ज्ञानी होकर भी अज्ञानी है आत्मीय गुणों को प्रकट नहीं होने देती है । मुनि कमलेश ने बताया कि असावधानी मिलने वाली सफलता को कुचल देती है बेपरवाह होकर मौत के मुंह में तक चला जाता है । राष्ट्रसंत ने स्पष्ट कहा कि कोरोनावायरस महामारी को फैलाने में असावधानी लापरवाही अपनाने वाले सबसे ज्यादा दोषी हैं गाइडलाइन को अनदेखा करने वाली मौत के सौदागर तथा धर्म और परमात्मा का अपमान करने वाले हैं और सावधानी से की गई धार्मिक क्रिया भी पाक क्रिया में परिवर्तित हो जाती है। जैन संत ने कहा कि सजगता सावधानी और सतर्कता धर्म के असली प्राण है प्रतिपल इनके प्रति सावधान रहना ही असली धर्म पालन करना है घनश्याम मुनि कौशल मुनि ने विचार व्यक्त किए अक्षत मुनि ने मंगलाचरण किया।