जीवन की सफलता के लिए साधना कलरफुल, समाधि ब्यूटीफुल, स्वभाव वंडरफुल और समर्पण पावरफुल हो- आचार्य श्री कुलबोधि सूरीश्वरजी म.सा.

धानमंडी में 16 एवं 17 दिसंबर को दो दिवसीय विशेष प्रवचन

रतलाम, 15 दिसंबर। दुर्लभ जीवन सुलभ तो है, लेकिन इसे सफल बनाने के लिए चार चीज- साधना कलरफुल चाहिए, समाधि ब्यूटीफुल चाहिए, स्वभाव वंडरफुल चाहिए और समर्पण पावरफुल होना चाहिए। यदि इन चार चीजों को जीवन में अपना लिया तो हमारा जीवन 100 प्रतिशत सफल बन जाएगा। यह बात आचार्य श्री कुलबोधि सूरीश्वरजी म.सा. ने नीम चौक स्थानक पर तीन दिवसीय प्रवचन श्रेणी के अवसर पर कही।
आचार्य श्री ने कहा कि आज हमारे सामने चार चुनौती है, साधना हम करते नहीं है, समाधि और स्वभाव हमारा बिगड़ा हुआ है, समर्पण है नहीं, तो हमारा जीवन सफल कैसे होगा। जीवन को यदि सफल बनाना है तो जीवन में साधना, समाधि, स्वभाव और समर्पण भाव का होना अत्यंत आवश्यक है। जीवन में साधना करो न करो तो चलेगा लेकिन समाधि तो अति आवश्यक है। बिना समाधि के साधना सफल नहीं होती है, इसलिए समाधि को प्राथमिकता देना चाहिए।
आचार्य श्री ने समाधि को परिभाषित करते हुए कहा कि समाधि यानी स्वीकार करना है। यदि किसी ने आपका अपमान कर दिया, आपके प्रति गलती कर दी तो उसे स्वीकार करना यहीं सबसे बड़ी समाधि है। जीवन में यदि प्रसन्नता चाहिए तो सभी की गलतियों और गुस्से को स्वीकार कर लो। जीवन में जो भी कठिन परिस्थिति आए उसे स्वीकार करते जाओ।
आचार्य श्री ने कहा कि समाधि उसी को प्राप्त होती है जिसके पास समझ होती है। यदि हमें अपने स्वभाव को वंडरफुल बनाना है तो अहंकार को निकाल दो। अहंकार के साइड इफेक्ट होते है। नजदीक वाले दूर चले जाते है और दूर वाले कभी भी नजदीक नहीं आते है। जो हमारे पास है वह और नजदीक आए और दूर वाला भी नजदीक आने को राजी हो तो समझ लेना की आपका स्वभाव अच्छा है।
आचार्य श्री ने कहा कि हम दान, शील, तप सब करते है लेकिन हमारी साधना में समर्पण कम होती है। यदि समर्पण का भाव पावरफुल हो जाए तो साधना सफल हो जाएगी। समर्पण तो इतना ही चाहिए कि मैं तेरा हूं और मेरे पास जो कुछ भी है, वह तेरा है। यहीं समर्पण होता है, जिसकी हमारे पास कमी है। अपने भीतर समर्पण का भाव जागृत करेंगे तो जीवन सफल हो जाएगा।
आचार्य श्री कुलबोधि सूरीश्वरजी म.सा. के श्रीमुख से 16 एवं 17 दिसंबर को धानमंडी क्षेत्र में महा सत्संग का आयोजन होगा। इसमें वे प्रथम दिन राम ही पूर्ण विराम विषय पर और दूसरे दिन ऐसो जनम बारबार विषय पर प्रवचन देंगे। लाभार्थी मोहलबाई सौभागमल तलेरा परिवार रहेगा।