संत शिरोमणि प.पू. विद्यासागर जी एवं गच्छ नायक प.पू. दौलत सुरिश्वरजी के देवलोकगमन पर सर्व धर्म विनयांजलि सभा आयोजित

नासिक सिटी । वर्तमान में जितनी भी अच्छाइ नजर आ रही है सारा श्रेय संत संस्कृति को जाता है। उक्त विचार राष्ट्र संत कमल मुनि जी कमलेश ने संत शिरोमणि प.पू. विद्यासागर जी एवं गच्छ नायक प.पू. दौलत सुरिश्वरजी के देवलोकगमन पर आयोजित सर्व धर्म विनयांजलि सभा को संबोधित करते हुए कहे। आपने कहा कि भारत को विश्व में जगतगुरु का सौभाग्य गुरु चरणों से मिला है। मुनि कमलेश ने कहा कि भारत सरकार विद्यासागर जी को भारत रत्न से सम्मानित कर सच्ची श्रद्धांजलि दे।
कंठानंद स्वामी जी ने कहा कि वर्तमान में गुरु का दर्जा भगवान से भी बढ़कर है जो मानवता का संचार कर रहे हैं बौद्ध धर्म के भंते आर्यगन ने बताया कि जैन धर्म वैज्ञानिक धर्म है पूरा विश्व इससे सिद्धांतों से प्रभावित हो रहा है बुद्ध और महावीर ने अहिंसा और शांति का संदेश दिया।
मोहम्मद सलीम चिश्ती ने कहा कि अमन चैन और शांति के पैगाम को मानव मात्र में पहुंचने का काम सभी महापुरुषों ने किया है मैं सबका सम्मान करता हूं। दिगंबर आचार्य प्रबल सागर जी ने कहा कि विश्व की संपूर्ण संपत्ति दान देकर भी सरकार और विज्ञान एक संत का निर्माण नहीं कर सकते। दिगंबर संत सहज सागर जी ने कहा कि संस्कृति संस्कार और चरित्र का निर्माण संतो के त्याग बाल से ही संभव हो सकता है
दिगंबर माताजी क्षमा श्री जी ने कहा कि भारत भूमि देव भूमि है जो भौतिकवाद में भी संत रतन को प्रदान कर रही है। श्वेतांबर मूर्ति पूजक महासती रम्य रत्ना जी ने कहा कि दौलत सागर जी ने जैन परिवार में जन्म नहीं लेते हुए भी शासन की अभूतपूर्व प्रभावना की। महासती मधुस्मिता जी ने कहा कि विद्यासागर गुरुदेव ने आत्म साधना के साथ-साथ गौ सेवा खादि और भारतीय संस्कृति को महामंडीत किया
सिख इसाई स्वामीनारायण ब्रह्माकुमारी ने भी विचार व्यक्त किया धार्मिक सामाजिक राजनीतिक संगठनों की वरिष्ठ कार्यकर्ताओं ने भारी संख्या में भाग लिया सकल जैन समाज के हजारों बंधुओ ने श्रद्धांजलि अर्पित की।

Play sound