भाई दूज पर कलम दवात की हुई पूजा , कायस्थ समाज ने पूजे भगवान चित्रगुप्त , मंदिरो हुई महाआरती

14 मई को निकलेगी जनदर्शन यात्रा घर घर आमंत्रण …

उज्जैन । होली के के बाद चैत्र की दूज को कायस्थ समाज यम द्वितीया के रूप में मनाता है । शास्त्र अनुसार मान्यता है कि वर्ष में दो बार यम द्वितीया मनाई जाती है एक कार्तिक मास में तो दूसरी चैत्र मास में । इस दिन कलम दवात की पूजन के साथ भगवान श्री चित्रगुप्त जी एवं यमराज भगवान का पूजन किया जाता है धर्मराज युधिष्ठिर ने इसका महत्व बताया है । यम द्वितीया को जो भी भगवान चित्रगुप्त की पूजा करता है उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है । भाई दूज पर्व को समाज एक उत्सव के रूप में मनाता है । बहनें अपने भाई को घर पर बुलाकर अच्छे-अच्छे पकवान बनाकर भाई को खिलाता है और मंगल तिलक लगाकर उसकी लंबी आयु और उन्नति की कामना करती है । भाई भी अपनी बहन को उपहार स्वरूप भेंट देता है । ऐसा माना जाता है कि जो भाई अपनी बहन के यहां भाई दूज को भोजन करता है उसे यमपुरी में यमराज के दूत कष्ट नहीं देते हैं । बुधवार को भी पूरे नगर के चित्र मंदिरों में हवन पूजन एवं आरती गाय समाज की ओर से की गई। सुबह 9:00 बजे शाम 8 बजे तक चित्रगुप्त मंदिरो में आरती हुई। क्षिप्रा नदी छोटे पुल स्थित चित्रगुप्त घाट , अंकपात स्थित श्री चित्रगुप्त धाम , विद्यानगर एवम ऋषि नगर में भी भगवान श्री चित्रगुप्त जी की आरती कर प्रसादी का वितरण किया ।
उज्जैन कायस्थ समाज जिला अध्यक्ष दिनेश श्रीवास्तव व समन्यक श्रीमती अनुपमा श्रीवास्तव ने बताया कि प्रतिवर्ष अनुसार इस वर्ष भी होली के बाद भाई बहन के अटूट विश्वास प्रेम समर्पण के प्रतीक भाई दूज पर्व को कायस्थ समाज ने बुधवार को बड़ी धूमधाम से मनाया । समाज के घरों में कलम दवात की पूजा कर बहन ने भाई को माथे पर टिका लगाया और अपने हाथो से भाई को भोजन परोसा तो भाई ने भी बहन की रक्षा करने का वादा कर उपहार दिया । इसी के साथ सभी चित्रगुप्त मंदिरों में हवन पूजन एवं महाआरती की गई ।
चित्रगुप्त मन्दिरों में बजा घंटाल भक्त हुए निहाल ………
बुधवार को कायस्थ समाज द्वारा आराध्य भगवान चित्रगुप्त के सभी मंदिरों में प्रातः से ही हवन पूजन एवं महाआरती का आयोजन किया गया । सभी मंदिरों में पृथक से मंदिर समिति की ओर से आरती वाl प्रसाद की व्यवस्था की गई थी । जिसके अंतर्गत प्रातः सर्वेश्वर धाम भारतीय ज्ञान पीठ परिसर , क्षिप्रा तट स्थित श्री चित्रगुप्त घाट पर तथा शाम को अंकपात स्थित श्री चित्रगुप्त धाम एवम चक्रतीर्थ स्थित चित्रगुप्त न्याय मंदिर तथा ऋषि नगर में चित्रगुप्त मंदिर पर महिला मंडल की ओर से आरती की गई । इसी तरह नागदा , बड़नगर ,खाचरोद ,तराना महिदपुर , घट्टिया क्षेत्र में रहने वाले समाज जनों ने अपने स्तर पर भगवान की आरती की ।
14 मई को निकलेगी जनदर्शन यात्रा….. महिला शक्ति ने की अपील ….
अक्षय तृतीया तिथि के पश्चात गंगा सप्तमी को प्रति वर्ष की तरह इस वर्ष भी प्राणियों के के कर्मों का लेखा जोखा रखने वाले कुल आराध्य भगवान श्री चित्रगुप्त जी की जनदर्शन यात्रा 14 मई 2024 को शाम 5 बजे भारत रत्न भूतपुर्व प्रधानमंत्री स्व श्री लालबहादुर शास्त्री उद्यान फ्रीगंज ओवर ब्रिज से निकलेगी जो शहर के प्रमुख मार्गो से होते हुए छोटे पुल स्थित श्री चित्रगुप्त घाट पर समाप्त होगी । यात्रा प्रभारी अनुपमा श्रीवास्तव कहा कि जनदर्शन यात्रा के समापन पर भगवान की आरती व कुटुंब रसोई का आयोजन किया जाएगा । समाज के घरों तक पीले चावल महिलाएं पहुंचेगी। भगवान श्री चित्रगुप्त जनदर्शन यात्रा को सफल बनाने की अपील उर्मिला श्रीवास्तव , गीता सक्सेना , अनुपमा श्रीवास्तव , शशिराज भटनागर , चेतना श्रीवास्तव , सरला श्रीवास्तव , पद्मा श्रीवास्तव , सरोज श्रीवास्तव ,आशा श्रीवास्तव, पूजा सक्सेना , कल्पना श्रीवास्तव ,, प्रेमलता श्रीवास्तव , भावना श्रीवास्तव ,पल्लवी श्रीवास्तव, आभा रानी श्रीवास्तव , आशा निगम ,छाया सक्सेना, शोभा श्रीवास्तव , सचिता श्रीवास्तव , ज्योति श्रीवास्तव, श्वेता श्रीवास्तव , पिंकी निगम ,रजनी कुलश्रेष्ठ , पल्लवी भटनागर, सीमा निगम, शशि श्रीवास्तव, पिंकी श्रीवास्तव, रक्षा अष्ठाना, नेहा श्रीवास्तव आदि ने की है ।