श्री श्वेतांबर मूर्तिपूजक जैन श्रीसंघ नागदा जं. जयकारों की गुन्ज के साथ गच्छाधिपति ने किया मंगल प्रवेश

कांबली अर्पण कर किया अभिनंदन

नागदा। गुरूजी हमारों अंतनाद, हमने आपो आर्शीवाद मालवा के नंदन कोटी कोटी यंदन गुरुजी आए है नई रोशनी लाए है जैसे नारों के गुन्जाए के साथ त्रिस्तुत्रिक सम्प्रदाय के गच्छाधिपति आचार्यदेवेश श्रीम‌द्विजय हितेशचन्द्रसूरीश्वरजी मसा, मुनिश्री दिव्यचन्द्रविजयजी मसा, मुनिश्री रूपेन्द्रविजयजी मसा, मुनिश्री वैराग्ययशविजयजी मसा आदि ठाणा 4 का मंगल प्रवेश सोमवार सुबह 9. 30 बजे महात्मा गांधी मार्ग से हुआ। मंगल प्रवेश के मौके पर आयोजित धर्मसभा के दौरान श्रीसंघ पदाधिकारियों ने गच्छाधिपति को कांबली अर्पण कर अभिनंदन किया।
मंगल प्रदेश का चल समारोह इससे पूर्व सुबह 7.30 बजे मूर्तिपूजक जैन श्रीसंघ की नवकारशी का आयोजन पाठशाला भवन में किया गया जिसका लाभ मंजूदेवी पुखराज कोलन ने लिया। चल सामारोह के दौरान स्थानीय महिला मंडल कलश लेकर व डांडिया रास कर गच्छाधिपति की अगवानी कर रहे थे। वहीं स्थानीय श्रावक श्राविकाओं ने चावल की गवली कर गच्छाधिपति का आर्शीवाद लिया। चल समारोह महात्मागांधी मार्ग से स्टेशन चौराह, जवाहर मार्ग, महावीर मार्ग, रामसहाय मार्ग होते हुए लक्ष्मीबाई मार्ग स्थित पाठशाला भवन में धर्मसभा में परिवर्तित हुआ।
धर्मसभा की शुरुआत गच्छाधिपति के मंगलाचरण से हुई। दी। स्वागत उद्बोधन श्रीसंघ अध्यक्ष राजेश धाकड़ ने दिया। धर्मसभा को सोनव वागरेचा एवं अभिषेक कोलन ने संगीतमय कर दिया। धर्मसभा में गच्छाधिपति के गुरूपूजन करने का लाभ संजयकुमार मनोहरलाल वागरेचा परिवार ने लिया। संचालन श्रीसंघ पूर्व अध्यक्ष सुनील वागरेचा ने किया। धर्मसभा पश्चात मूर्तिपूजक जैन श्रीसंघ के स्वामीवात्सलय का आयोजन पाठशाला भवन में किया गया।
उदित होता हुआ सूर्य, प्रदान करता है नित्य नई प्रेरणा – गच्छाधिपति _ प्रतिदिन उदित होता हुआ सूर्य प्रत्येक मानव को नित्य नई प्रेरणा प्रदान करने का कार्य करता है। यह मानव बड़े भाग्यशाली होते है जो उदित होते हुए सूर्य की किरणों से प्रेरणा प्राप्त कर आज का कार्य आज ही पूर्ण कर लेते है। वहीं जो मानव प्रमादता वश आज के कार्य को कल पर टालता है वह कार्य कभी भी पूर्ण नहीं हो सकता है। यह बात धर्मसभा को संबोधित करते हुए गच्छाधिपति आचार्यदेवेश श्रीमद्विजय हितेशचन्द्रसूरीश्वरजी मसा ने व्यक्त की। उन्होने कहा कि मानव की आयु कब पूर्ण हो जाए, वह कब स्वर्गवासी बन जाए इस बात का कोई भरोसा नहीं है, इसलिए धर्म आराधना के लिए कल का इंतजार मत करो। आज आपको जो समय मिला है उसे प्रमादता में व्यर्थ न गवा कर धर्म आराधना करे।
मानव जीवन सार्थक हो जाएगा। 16 अप्रैल को जीवदया मानवसेवा परिसर में प्रवचन
मीडिया प्रभारी बृजेश बोहरा एवं डॉ. विपिन वागरेचा ने बताया कि गच्छाधिपति मंगलवार सुबह 9 बजे रामसहाय मार्ग स्थित जीवदया मानवसेवा परिसर में धर्मसभा को संबोधित करेगे। इससे पूर्व गच्छाधिपति सुबह 8 बजे पाठशाला भवन से चल समारोह के रूप में जीवदया मानव सेवा परिसर में पहुँचेगे।